देवास। लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार तड़के इंदौर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक (हेड कांस्टेबल ड्राइवर) फिरोज खान के इंदौर और देवास स्थित 15 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। पुलिस विभाग में पद का रौब दिखाकर विवादित संपत्तियों के सौदे और काली कमाई से करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वाले फिरोज के पास वैध आय से करीब 223% अधिक अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है। डीजी लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन में इंदौर और देवास की संयुक्त टीमों ने सुबह 6 बजे देवास के आदर्श नगर स्थित निवास सहित 11 स्थानों और इंदौर के 4 ठिकानों पर दबिश दी।
1.93 करोड़ आय, खर्च और संपत्ति 6.26 करोड़ से अधिक-जांच अधिकारी डीएसपी सुनील तालान के अनुसार, आरोपी फिरोज खान का कुल वेतन लगभग ₹75 लाख और अन्य वैधानिक स्रोतों को मिलाकर कुल आय ₹1.93 करोड़ आंकी गई थी। हालांकि, शुरुआती जांच और छापे में अब तक ₹6.26 करोड़ से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है।
सह-आरोपी महिला मित्र और रिश्तेदारों के नाम बेनामी संपत्तियां-इंदौर-देवास में फ्लैट और जमीन: बाणगंगा, श्रीनगर कॉलोनी और रिंग रोड पर लग्जरी फ्लैट्स, देवास के विजय नगर, पुष्पकुंज और आदर्श नगर में कई मकान व प्लॉट्स। सांवेर व बागली में 30 बीघा से अधिक कृषि भूमि: सांवेर के ग्राम गुरान में पारिवारिक विवाद का फायदा उठाकर फिरोज ने अपनी महिला मित्र रोशनी वर्मा के नाम 21.75 बीघा जमीन का एग्रीमेंट कराया था। फर्जी कंपनियां: आरोपी की मां-पत्नी के नाम 'साहिल ट्रेडिंग' (करोड़ों का लेन-देन) और रोशनी वर्मा के नाम 'रोशनी सेल्स' व 'रॉयल ग्रीन रियल स्टेट' के जरिए ब्लैक मनी खपाई गई। डीएसपी आनंद चौहान, डीएसपी दीपक सेजवार व निरीक्षकों सहित 8 अधिकारियों की टीम सर्चिंग में जुटी है। प्राथमिक जांच के आधार पर फिरोज खान और रोशनी वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।