इन 15 विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर सबसे अधिक कांग्रेस के विधायक रहे। 9 बार दतिया की जनता ने कांग्रेस के विधायक को चुना। 2 बार जनसंघ, 3
राजनीतिक सरगर्मी तेज
दतिया में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई हैं। इस बार मैदान में भाजपा, कांग्रेस के साथ पहली बार असपा भी जोर अजमाने के लिए उतरने की तैयारी में है। भाजपा से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम संभावित माना जा रहा है। जबकि कांग्रेस की झोली में फिलहाल किसी जोरदार दावेदार का नाम नहीं है। ऐसे में पार्टीजन के बीच ऊहपोह की स्थिति बनी हुई है। उपचुनाव को लेकर आज तीन जुलाई को जिलाध्यक्ष ने आवश्यक बैठक भी बुलाई है। वहीं उपचुनाव की घोषणा के समय जहां पूर्व गृहमंत्री डा.मिश्रा इंदरगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में व्यस्त रहे। जबकि भारती निवास पर सन्नाटा पसरा दिखा।
उपचुनाव को लेकर शहरवासियों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं: दतिया विस सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर जब शहरवासियों की प्रतिक्रियाएं ली गईं तो अधिकांश का कहना था कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के अयोग्य हो जाने पर इस तरह की प्रक्रिया अपनाई ही जाती है। वहीं विभिन्न पार्टीगत विचारधारा के लोगों का कहना था कि जनता को अपना प्रतिनिधि मिलना ही चाहिए। सीट खाली होने के बाद दतिया विधानसभा प्रतिनिधिविहीन हो गई थी। उपचुनाव हो जाने से जल्दी ही नए प्रतिनिधि को चुनने का मौका मिलेगा। वहीं कांग्रेस विधायक के कार्यकाल में विकास कार्यों की सुस्त गति को लेकर भी लोगों ने प्रतिक्रियाएं दीं।