मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों कुछ ऐसा ही नया 'खेला' हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ जमीन का मुद्दा उठाकर उन्हें और उनके पूरे कुनबे को घेरने की तैयारी में जुटे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब खुद अपने ही बुने चक्रव्यूह में फंसते नजर आ रहे हैं। मामला जीतू पटवारी के खुद के चार वेयरहाउसों से जुड़ा है, जहाँ नियमों की ऐसी धज्जियां उड़ीं कि अब उन पर सीधी कार्रवाई की तलवार लटक गई है! रंगे हाथ पकड़ी गई लापरवाही: न रेत, न बाल्टी... राम भरोसे फायर सेफ्टी:-मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच ने जब जीतू पटवारी के सांवेर विधानसभा के पालिया गांव स्थित चार वेयरहाउसों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। करोड़ों के सरकारी अनाज की सुरक्षा का दावा करने वाले इन वेयरहाउसों में आग से निपटने के नाम पर धेला भर के इंतजाम नहीं थे। निरीक्षण के बाद संजय नगाइच ने तंज कसते हुए कहा:- जीतू पटवारी जी इतने बड़े नेता हैं, लेकिन उनके वेयरहाउस में आग बुझाने के लिए बाल्टी और रेत तक का इंतजाम नहीं था! नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। 'सरकारी बेदखली' की तैयारी, थमाया जाएगा नोटिस:- इस भारी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि जीतू पटवारी को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और नियमों का पालन न करने के एवज में उनके वेयरहाउसों से सरकारी अनाज रखने का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर उन्हें बेदखल किया जाए। नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स का 'मलाईदार' नेक्सस:- यह कहानी सिर्फ एक नेता की नहीं है। मध्य प्रदेश में वेयरहाउसिंग का धंधा नेताओं और रसूखदार अफसरों की मोटी कमाई का जरिया बना हुआ है! गठजोड़ का खेल: -बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों ही दलों के कई दिग्गज नेताओं और उनके रिश्तेदारों के पास बड़े-बड़े वेयरहाउस हैं। अफ़सरों की चांदी: -कई रसूखदार ब्यूरोक्रेट्स (नौकरशाह) भी पर्दे के पीछे से इस खेल में शामिल हैं, जो सरकारी अनाज रखवाकर हर महीने सरकार से किराए के नाम पर मोटी रकम डकार रहे हैं। जनता का नुकसान: -पिछले साल ही कई नेताओं के वेयरहाउसों में रखा करोड़ों का गेहूं सड़ गया था, जिसे बाद में मिट्टी के भाव बेचना पड़ा। यानी नुकसान सीधे तौर पर जनता की जेब का हुआ। जनता बोली- 'कार्रवाई में भेदभाव क्यों? नपे सब के सब!' जीतू पटवारी पर हो रही इस कार्रवाई के बाद आम जनता और सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर पटवारी के वेयरहाउस में कमियां हैं तो कार्रवाई बिल्कुल होनी चाहिए, लेकिन कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच को सिर्फ विपक्षी नेताओं को नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के नेताओं और उन भ्रष्ट ब्यूरोक्रेट्स के वेयरहाउसों पर भी बुलडोजर चलाना चाहिए जो नियमों को ताक पर रखकर सरकार के खजाने को चूना लगा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस 'वेयरहाउस कांड' के बाद बैकफुट पर आई कांग्रेस और जीतू पटवारी पलटवार में क्या नया पैंतरा अपनाते हैं!