नीमच। बीते दिनों कतिपय संस्था एवं समिति द्वारा दिव्ज्य दर्शन तीर्थ यात्रा के नाम पर निशुल्क चारधाम यात्रा का प्रलोभन दिया जा रहा था। कई श्रृद्धालू इस प्रलोभन में फंस गए जिसमें कतिपय संस्था संचालको ने यात्रा पंजीयन के नाम पर इक्कीस सौ रूपये की हजारो लोगो से अब तक ठगी की है। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि दिव्य दर्शन तीर्थ यात्रा संस्था से जुड़ा एक व्यक्ति हाल ही में एनडीपीएस के मामले में जेल की सजा काट कर बाहर आया है और बाहर आते ही लोगो को ठगी का शिकार बना रहा है। पूर्व में इस संस्था से जुड़े ज्व्यक्ति ने अपनी पत्नि को सरपंच का चुनाव लडाने के लिए लोगो को फ्री का ट्रेक्टर देने की घोषणा की थी, यह भी चर्चा आम रही थी। गौरतलब है कि जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने बताया कि जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है, कि कतिपय संस्था एवं समिति द्वारा दिव्य दर्शन तीर्थ यात्रा 2025 के तहत निशुल्क चारधाम यात्रा के लिए प्रचार प्रसार कर श्रृद्धालुओं से पंजीयन के लिए 2100-2100 रूपये प्रति यात्री पंजीयन शुल्क जमा करवाया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ वैष्णव ने बताया कि निशुल्क तीर्थ यात्रा के नाम पर एक संस्था द्वारा यात्रियों का पंजीयन किया जाकर, पंजीयन शुल्क जमा करवाया जा रहा है। संस्था द्वारा गंगोत्री, यमुनौत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम की यात्रा निशुल्क करवाने का प्रलोभन जिले के नागरिकों, श्रृद्धालुओं को दिया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ वैष्णव ने नागरिकों से अपील की है, कि वे ऐसी किसी भी संस्था के झांसे में ना आए और निशुल्क चार धाम यात्रा के पंजीयन शुल्क के नाम पर पंजीयन राशि जमा नहीं करावे। उन्होने नागरिकों से अपील में कहा कि चार धाम के तीर्थ स्थलों की निशुल्क यात्रा करवाया जाना संभव प्रतीत नहीं होता। ऐसे में संस्था द्वारा निशुल्क यात्रा करवाने के लिए जिले के नागरिकों, श्रृद्धालुओं से पंजीयन के नाम पर 2100-2100 रूपये की राशि जमा करवाना निश्चित ही धोकाधड़ी की संभावना को जताता है। जिला पंचायत सीईओ ने नागरिकों से अपील की है, कि वे ऐसी किसी भी संस्था के प्रलोभन में ना आए और ऐसी किसी भी प्रकार की निशुल्क धार्मिक यात्राओं के लिए पंजीयन शुल्क जमा नहीं करवाए।