यातायात नियमों की धज्जिया उड़ा रहे प्रायवेट बस वाले, यात्री बसों में लाया जा रही लोडिंग सामान,यात्रियों से किया जाता है दुर्व्यवहार,जिला परिवहन अधिकारी श्री गामड़ ने कहा अनियमितता पायें जाने पर करेंगे कार्यवाही
16 Jan 2025
NEEMUCH NEWS
नीमच। नीमच से चलने वाली कुछ बसों में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बस का संचालन किया जा रहा है। यह कार्य जिम्मेदार विभागो के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखो के सामने हो रहा है। हालात ये हो रहे है कि अब यात्री बसे भी यात्रियों की जगह सीटों पर लोडिंग सामान लाने ले जाने का काम किया जा रहा है। वही कुछ बसों में तो उसके कर्मचारियों द्वारा यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार तक किया जाता है और तो और बस में कर्मचारी आपस में गाली गलौच से बात करते हुए देखे जा सकते है। इनकी शिकायतें होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से ऐसे बस संचालकों के हौंसले बुलंद है और वे बैखौफ हो अनियमितता बरत रहे है। इस संबंध में कलेक्टर के नाम शिकायती आवेदन देकर जिला परिवहन अधिकारी को घटना के बारे में बताया गया और उनके नाम भी आवेदन देकर शिकायत की गई।
इस संबंध में पत्रकार मनीष चान्दना ने जानकारी देते हुए बताया कि नीमच से प्रतिदिन भीलवाड़ा चलने वाली आजाद बस में अनीति के साथ ही अव्यवहारिक माहौल बना हुआ रहता है। बस में उसके कर्मचारियों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया जाता है, बस में सवारी कम होती है और लोडिंग सामान अधिक होता है। यातायात विभाग और आरटीओ विभाग की आंखों में धूल झोंककर खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए आजाद बस का संचालन हो रहा है। मनीष चान्दना ने बताया कि आजाद बस सुबह 8 बजे के लगभग नीमच से भीलवाड़ा के लिए चलती है। इस बस में अन्य यात्रियों के साथ निंबाहेड़ा में नौकरी करने वाली शिक्षक महिलाएं व अन्य कर्मचारी भी अप डाउन करते है। आजाद बस के कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं रहता है। बीते कुछ दिनों पूर्व एक शिक्षिका महिला यात्री से निंबाहेड़ा नौकरी पर जाते समय बस के ड्राइवर द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया था जिसके बाद शिक्षिका के पति द्वारा बस मालिक से शिकायत की गई। भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी गई थी। लेकिन उनके कर्मचारियों का व्यवहार नहीं सुधरा। बस मालिक के संरक्षण में खुले आम आजाद बस में अभद्र व्यवहार होता है और यातयात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। आजाद बस में आए दिन होने वाले अभद्र व्यवहार की घटना के बाद महिला शिक्षिका ने आजाद बस से निंबाहेड़ा जाना छोड़ दिया और आजाद बस से पहले आने वाली जनता गोल्डन बस जो भीलवाड़ा तक जाती है उस बस में जाना प्रारंभ कर दिया। निंबाहेड़ा जाने वाली महिला शिक्षिका ने ग्वालटोली नाके से जनता गोल्डन बस में बैठने के लिए जब बस को रोकना चाहा तो उसी बस के पीछे कार से आ रहे आजाद बस के मालिक ने दादागिरी करते हुए बस नहीं रोकने दी। जिसके कारण महिला शिक्षिका स्कूल समय पर नहीं पहुंच पाई। ऐसा ही घटनाक्रम फिर से मंगलवार 14 जनवरी 2025 को घटित हुआ हुआ। जिसमें जनता गोल्डन बस में बैठने के ग्वालटोली नाके पर बस को रोकना चाहा लेकिन आजाद बस के मालिक ने जनता गोल्डन बस को दादागिरी करते हुए ग्वालटोली के वहां नहीं रुकने दिया, वहां से महिला शिक्षिका अपने पति के साथ जनता गोल्डन बस में बैठने के लिए कलेक्टर कार्यालय चौराहा पहुंची तो वहां भी जनता गोल्डन बस को आजाद बस के मालिक ने नहीं रुकने दिया। जिसके बाद महिला शिक्षिका को उनके पति दो पहिया वाहन पर बिठाकर कनावटी तक ले गए और वहां से बस में बिठाया।
उसी समय कलेक्टर चौराहा पर खड़े आजाद बस के मालिक से महिला शिक्षिका के पति ने बोला कि आप बस में सवारी क्यों नहीं बैठने दे रहे हो,आपकी आजाद बस में दुर्व्यवहार होता है, लोडिंग सामान अधिक होता है,बस में बैठने की जगह भी नहीं रहती है, और निर्धारित समय से काफी देरी से निंबाहेड़ा बस पहुंचती है जिसके चलते अगर आजाद बस में नहीं बैठकर आपके बस के समय से पूर्व आने वाली जनता गोल्डन बस में बैठ रहे है तो आप सवारी को बैठने क्यों नहीं दे रहे है। क्यों दादागिरी कर रहे हो तो, आजाद बस का मालिक कलेक्टर चौराहे पर ही यात्री महिला के पति को गंदी गंदी गालियां देने लगा। और अभद्र व्यवहार कर दादागिरी से बोलने लगा कि इस समय मैं मेरी बस के अलावा दूसरी बस में किसी भी यात्री को बैठने नहीं दूंगा । कहने लगा मेरे बस का संचालन मेरे हिसाब से ही होता है।
परमिट सवारी यात्री बस का और बस में ठसा ठस भरा रहता है लोडिंग सामान-यातायात नियमों को ताक में रखकर नीमच से भीलवाड़ा तक संचालित होने वाली आजाद बस नाम के लिए यात्री बस है। उसमें यात्री सीटों पर लोडिंग सामान भरा रहता है। सामानों से गंदी बदबू भी आती है और यात्री ठीक तरह से बैठ भी नहीं पाते है। भीलवाड़ा से नीमच आते समय तो आजाद बस, यात्री बस कम लोडिंग लाने वाली बस अधिक लगती है। बस के अंदर सीटों पर व बस की छत पर लोडिंग सामान भरा हुआ रहता है। खुले आम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। और यह क्रम आज का नहीं बीते कई वर्षों से जिम्मेदारों की आंखों के सामने हो रहा है।
इनका कहना
अगर यात्री बस के अंदर सीटो पर और छत पर सामान भरा पड़ा है तो यह गलत है, इसकी जॉंच करवाता हॅू और अगर अनियमितता पाई गई तो कार्यवाही करेंगे । वहीं कोई भी बस मालिक किसी भी यात्री को दूसरी बस में बैठने से नहीं रोक सकता है। इसको मैं दिखवाता हॅू। कार्यवाही करंेगे। अगर कोई भी बस कर्मचारी अभद्र व्यवहार करता है तो पुलिस की सहायता ले।
नंदलाल गामड़, जिला परिवहन अधिकारी, नीमच