नीमच। भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश में सभी जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा 31 दिसंबर तक हो जानी थी, लेकिन कद्दावर नेताओं ने चहेतों के सिर ताज सजाने के लिए ताल ठोक दी। नतीजतन, रोज खबर आती है कि आगामी चौबिस घंटों में जिलाध्यक्ष की घोषणा होगी और फिर मामला अटक जाता है। समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने का दबाव होने से अब नीमच में जिलाध्यक्ष का ताज किसी महिला नेता के सिर सजने की संभावना अधिक बढ़ गई है। भाजपा में यह पहली बार है जब जिला अध्यक्ष की सूची के एलान में इतना लंबा समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो पार्टी ने तय कर लिया है कि इस बार किसी भी जिलाध्यक्ष को रिपीट नहीं किया जाएगा, बल्कि माना जा रहा है कि इस बार बड़ी तादात में महिलाओं को जिलाध्यक्ष के पद पर मौका दिया जाएगा।क्योंकि पार्टी में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाने पर विचार चल रहा है। जहां समर्थकों को ही पद देने का अधिक दबाव है, वहां विकल्प के तौर महिला दावेदार को प्राथमिकता दी जा सकती है। प्रदेश के सभी 62 जिलों के भाजपा जिला अध्यक्ष पदों पर अब एक साथ घोषणा होगी। दावेदारों की बढ़ रही बैचेनी,भाजपा जिलाध्यक्ष की घोषणा को लेकर अब दावेदारों की की बैचेनी बढ़ रही है, तो कार्यकर्ताओं का जोश भी कम होता जा रहा है। दूसरी ओर जिले के सभी 13 मंडल के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी असमंजस की स्थिति में आ गए हैं। इसकी वजह है उनसे अब बतौर प्रस्तावक और समर्थक जिस फार्म पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, उसमें जिलाध्यक्ष पद के दावेदार के नाम का कहीं उल्लेख तक नहीं है। इसकी वजह से उन्हें भी यह पता नहीं चल पा रहा है कि वे किसके नाम का प्रस्ताव व समर्थन कर रहे हैं। अब प्रदेश स्तर से होगी जिलाध्यक्ष की घोषणा,दरअसल बीते 15 दिनों से हर दिन मध्य प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की अटकलें लगती है और रात देर शाम उस पर विराम लग जाता है। जबकि जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक बैठकें हो चुकी हैं और इसके बाद फिर से भोपाल में बैठकों का दौर शुरु हो चुका है। बताया जाता है कि पार्टी के प्रभावशाली और बड़े नेताओं से लेकर मंत्री और विधायक तक अपने -अपने जिलों में अपने समर्थकों को जिला अध्यक्ष बनवाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इसकी वजह से किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। जबकि भाजपा संगठन चुनाव की घोषणा के बाद शुरुआती दौर में यह तय हुआ था कि एक से 15 दिसंबर तक मंडल अध्यक्षों के चुनाव होंगे। इसके लिए पार्टी ने तय समय में रायशुमारी भी करा ली थी, लेकिन, जिलाध्यक्षों की घोषणा को लेकर दिग्गजों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसकी वजह से मामला अटकता ही जा रहा है। अब पार्टी में भी जिलाध्यक्षों की घोषणा प्रदेश स्तर से ही किए जाने पर सहमति बन गई है। ये हैं संभावित दावेदार वंदना खंडेलवाल,हेमलता धाकड़,महेंद्र (बबलू) भटनागर,राकेश (पप्पू) जैन,अर्जुन सिंह सिसोदिया,राजेंद्र (राजू) नागदा मोड़ी,विक्रम (अशोक) सोनी,श्याम काबरा