नीमच/ खोर। यह की यह घटना नीमच जिले में खोर में स्थापित अल्ट्राटेक सीमेंट की है जहा पेड़ों की छटाई को लेकर विवाद सामने आया  जिस पर अल्ट्राटेक सीमेंट पर आरोप लगाया कि दुर्गा कॉलोनी मे 100 से अधिक हरे भरे पेड़ काट दिया गये। जब की वास्तविकता इसके विपरीत दर्शाती है जिसमें अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा किसी पेड़ को काटा नहीं गया है उसकी छटाई की गई है वास्तविकता को तोड़   मरोड़   करके कुछ व्यक्तियों द्वारा अल्ट्राटेक सीमेंट की छवि को धुंधल करने का प्रयास किया जा रहा है या यह भी कह सकते हैं कि कुछ लोगों की दाल नहीं गल रही है इसलिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी पर उल्टे सीधे आरोप लगाकर उनकी छवि को खबर किया जा रहा है। जब इस विषय में अल्ट्राटेक सीमेंट के  कम्पनी प्रबधकआर से पूछा गया तो उनका कहना है। हमारे द्वारा किसी भी वृक्ष को काटा नहीं गया है उसकी छटाई की गई है। समय के साथ-साथ वृक्षों की छटाई भी आवश्यक होती है वही कॉलोनी के अंदर आदित्य बिड़ला हायर सेकेंडरी स्कूल हैं जो कि नर्सरी कक्षाओं से लेकर 12वीं कक्षा तक संचालित हैं। विद्यालय में लगे हुए बच्चों के झूलो के उपर तक पेड़ कि शाखाएं आ चुकी है जिससे कभी भी कोई भी दुर्घटना बच्चों के साथ घटित हो जाने का डर बना रहता है।
साथ ही मे उन्होंने ये बताया की   कॉलोनी के अंदर 374 रिहायशी कार्टर है. जिनमें हमारे श्रमिक व उनके परिवारजन निवास करते है। श्रमिकों व उनके परिवारजन कि यह शिकायत रहती है कि जहाँ उनके बच्चे कॉलोनी के पार्क में खेलते है, वह पेड़ों की शाखाएं फैलकर पार्क के भूतल तक आ गई हैं, जिसमे बच्चों को पार्क में खेलने में असुविधा होती हैं, जिन्हे छंटाई किया गया है।
हमारा हर कार्य कानून की मंशा के अनुरूप ही किये जाते हैं। उल्लेखित हैं की वन संरक्षण अधिनियम 1980 में समुचित एवं स्पष्ट रूप से वर्णित हैं कि पेड़ो कि छटाई के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं हैं और न ही यह कानून का उल्लंघन जिससे यह स्पष्ट साबित होता है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा विक्रम सीमेंट फैक्ट्री की छवि को धुनल करने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी दाल नहीं गलते देख फैक्ट्री के ऊपर झूठे बेय बुनियाद आरोप लगाया जा रहे हैं।  इस विषय पर जब जावद एसडीएम राजेंद्र शाह से पूछा गया तो उन्होंने कहा की हम 1 महीने के अवकाश पर हु। आने के बाद ही बता पायेंगे।