नीमच जिले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर रामपुरा में। विकास कार्य नही हुए है और ना ही मार्ग सुगम हो पाए है यही नही अंतिम यात्रा के लिए श्मशान तक जाने वाले मार्ग भी कीचड़ व फिसलन भरे है हम बात कर रहे हैं रामपुरा नगर के बड़ा तालाब नानीचोटी भोईवाड़ा के निवासियों को शव यात्रा लेजाने के मार्ग की जो बड़े तालाब के पीछे से होकर शमशान तक जाता है वहां पर एक नाला पड़ता है जिसमें क्षेत्र के लोगों को को बहते नालों के बीच शव यात्रा लेजाने को मजबूर होना पड़ता है लोगों को दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। हद तो तब हो जाती है जब मौत के बाद भी अंतिम यात्रा का रास्ता कीचड़ ओर बरसाती नालों से भरा हो और जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता हो।ऐसा ही एक मामला कल देखने को मिला जहां पर नानी चोटी भोइवाड़ा में मनोहर लाल माली की धर्म पत्नी का स्वर्गवास हो गया जिनकी शव यात्रा में काफी लोग शामिल थे शव यात्रा ले जाते समय बड़े तालाब के पीछे नाले पर पुलिया नहीं होने से तथा नाले में बारिश का पानी भरा होने के कारण बड़ी ही परेशानी का सामना करना पड़ा पानी में लोगों को उतारकर सर्व यात्रा ले जानी पड़ी गौरतलब है कि इस नाले की पुलिया सन 12 जनवरी 2024 में ही नगर परिषद में स्वीकृत हो चुकी है किंतु अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है क्षेत्र के लोगों ने मांग की एक तत्काल जल्दी से जल्दी इस नाले पर पुलिया का निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो सके