इनका कहना है
आर सागर कच्छावा ने कहा कि मनासा के वार्ड नंबर 9 से मेरी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं और मैं उनका प्रतिनिधि हूं। यहां कई वर्षों से देखा जा रहा है कि हम लोगों को बाहर बैठा दिया जाता है, जबकि कुछ अवैध लोगों को अंदर बिठाया जाता है। इस पर हमने बैठक के अंदर पहुंचकर अध्यक्ष और जिला पंचायत के सीईओ के समक्ष आपत्ति उठाई है। हमारा कहना है कि जब हमें बाहर रखा जाता है तो दूसरे भी अंदर नहीं आने चाहिए।
हमारे साथ पक्षपात पूर्ण और दोगला रवैया अपनाया जाता है। पंचायत और अध्यक्ष के द्वारा जो भेदभाव किया जा रहा है इसका हम भविष्य में भी विरोध करते रहेंगे।आपत्ती लेने पर जो बैठक में अवैध रूप से अंदर बैठे थे उन्हें बाहर निकल गया।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि वार्ड नंबर 7 मनासा मनीष पोरवाल ने बताया कि भाजपा के जो प्रतिनिधि अंदर बैठे हैं उन्हें तो अलाउ किया गया है जबकि हम जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि है हमें बाहर बैठा के रखा जाता है ताकि हम भ्रष्टाचार आदि का विरोध ना कर सके। हमारी मांग है कि हमें प्रतिनिधि के नाते अंदर बैठाया जाए ताकि हम अपने क्षेत्र की मांग को पुरजोर तरीके से बैठक में रख सके। जिला पंचायत में अब तक समितियां का भी गठन नहीं हुआ है जबकि मध्य प्रदेश में सब जगह समितियां बन चुकी है।
मनासा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कमल सिंह डांगी ने कहा कि मनासा जनपद पंचायत कार्यालय से मालूम हुआ की 8 सितंबर को जिला पंचायत में साधन सभा की बैठक रखी गई है मेरी माता जी कामेंरी बाई डाँगी अध्यक्ष है और उनका स्वास्थ्य खराब होने की वजह से मैं उनका प्रतिनिधि होने के नाते बैठक में आया था मगर जिला पंचायत के कुछ सदस्यों ने मेरे बैठक में शामिल होने पर आपत्ति उठाई थी जिस पर में बाहर आ गया।
नीमच जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मदनलाल धनगर ने कहा कि मुख्यमंत्री का आदेश है और जिला पंचायत अध्यक्ष का आदेश है की प्रतिनिधि बैठक में नहीं बैठ सकते इसलिए हम बैठक से उठकर बाहर चले आए हैं।