साइबेरियन पक्षी : जिले में हर साल ठंड के मौसम में हजारों किमी दूर से साइबेरियन पक्षी रामपुरा सहित जिले के कुछ अन्य हिस्सों में आते हैं।
बरूखेड़ा के मंदिर : बरुखेड़ा में प्राचीन अवशेषों से निर्मित शिव को समर्पित चार मंदिर है, इसमें एक मंदिर में स्थानीय लोगों भगवान विष्णु की चतुर्मुखी मूर्ति स्थापित कर चारभुजानाथ मंदिर नाम दे रखा है।
ऑक्टरलोनी हॉल : सीआरपीएफ का वर्तमान ऑफिसर्स मेस जिसे ऑक्टरलोनी हाल के नाम से जाना जाता है। यह ऐतिहासिक बिल्डिंग अंग्रेजों के समय बनाई गई थी।
नवतोरण द्वार : जावद तहसील के ग्राम खोर में गुहिल युगीन देवालयों का अदभुत केंद्र है। पूर्व में यहां शिवालय था। इसे नवतोरण द्वार के नाम से जाना जाता है। यह केंद्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित की श्रेणी में रखा गया है।
सुखानंद महादेव : जावद तहसील में मप्र-राजस्थान सीमा पर अरावली की सुरम्य पहाड़ी पर प्राचीन तीर्थ सुखानंद महादेव धाम बसा है। यहां सुखदेव मुनि ने तपस्या की थी इसीलिए इस स्थान का नाम उनके नाम पर है।