नीमच। इस बार खतरों के साथ नए शिक्षण सत्र की शुरुआत होगी। दरअसल 1 जुलाई से प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल की कक्षाएं शुरू होनी है लेकिन जिले के करीब 70 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जो मरम्मत के अभाव में काफी जर्जर हो गए हैं।बारिश के पहले इनके मेंटेनेंस के लिए विभाग ने पत्र व्यवहार भी किया,लेकिन आवंटन नहीं मिल पाने से इनका मरम्मती करण नहीं हो पाया है।अब इन जर्जर स्कूल भवनों में ही खतरों के बीच कक्षाओं के संचालन की मजबूरी बन रही है।शिक्षण सत्र को शुरू होने में महज 5 दिनों का ही समय बचा हुआ है। ऐसे स्कूलों में भी जर्जर भवन में अव्यवस्थाओं के बीच शिक्षण कार्य करवाए जाने के आसार बन रहे हैंशिक्षा विभाग के इन जर्जर भवनों की सूची में जिला मुख्यालय पर स्थित शा.बा.मावि -2 नीमच कैंट व शा.कन्या मावि क़-2 नीमच कैंट, शा.क.मावि बधाना भी शामिल है,मनासा-जावद में 24-24 और नीमच में 22 स्कूल जर्जर-शिक्षा विभाग द्वारा पूरे जिले भर में 70 प्रावि-मावि स्कूलों को चिन्हित किया गया है। जिसमें जावद व मनासा के 24-24 और नीमच के 22 स्कूल शामिल हैं।जहां दूसरी किश्त की राशि नहीं मिलने से मरम्मत के काम अधूरे पड़े हैं। कहीं खिड़की दरवाजे टूटे हैं तो कहीं दीवारों में दरार आ रही है।ऐसे में बारिश के दिनों में यहां कक्षाएं लगाने में परेशानी आ सकती है।

इनका कहना

इस मामले में डीपीसी प्रलय उपाध्याय का कहना है कि प्रावि-मावि शाला जहां मरम्मत की जरूरत है, उनके प्रस्ताव बनाकर भेजे गए थे लेकिन शासन स्तर से राशि का आवंटन नहीं हो सका है। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को अवगत भी करा दिया है और अब एक बार कलेक्टर के माध्यम से वापस एक पत्र भेज देंगे जैसे ही राशि मिलेगी,तुरंत उससे स्कूलों में अधूरे पड़े मरम्मत के काम पूरे करवाएंगे