नीमच। मां भादवा माता के दरबार में महाष्टमी पर आस्था, सेवा और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिला। माता के दर्शन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। मंदिर परिसर में 'जय माता दी' के जयकारे गूंजते रहे, वहीं युवा समाजसेवी अरुल अरोरा की ओर से आयोजित विशाल भंडारे में महाप्रसादी ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। चार दिनों से निरंतर चल रही सेवा के बीच महाष्टमी पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर नजर आया। सुबह 10 बजे शुरू हुआ महाप्रसादी वितरण देर रात तक जारी रहने वाला है।
माता को हलवे का भोग, श्रद्धालुओं को महाप्रसादी-महाष्टमी के पावन अवसर पर समाजसेवी अरुल अरोड़ा ने भादवा माता मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता रानी को हलवे का भोग अर्पित किया। उन्होंने नीमच सहित प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की। इसके बाद भंडारे में पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन के साथ महाप्रसादी ग्रहण की। शुद्ध घी से बनी पूरियां, हलवा, चने और आलू की सब्जी प्रसादी के रूप में परोसी गई। प्रसादी वितरण में जुटी टीम श्रद्धालुओं की सेवा में लगी रही।
चार दिन से सेवा, महाष्टमी पर बढ़ा उत्साह
भादवा माता मंदिर परिसर में अरुल अरोड़ा और उनकी टीम की ओर से पिछले चार दिनों से लगातार भंडारा संचालित किया जा रहा है। नवरात्र के दौरान माता के दरबार में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रही इस सेवा में बड़ी संख्या में भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। महाष्टमी पर भीड़ बढ़ने के बावजूद सेवादार व्यवस्थाएं संभालते नजर आए। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार जुटी रही।
नीमच ही नहीं, पड़ोसी राज्यों से भी पहुंचे भक्त महाष्टमी पर मां भादवा माता के दर्शन के लिए नीमच जिले के साथ राजस्थान, गुजरात और आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। कोई माता के दर्शन के लिए कतार में खड़ा था तो कोई भंडारे में प्रसादी ग्रहण कर रहा था। श्रद्धालुओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं और सेवा कार्य की सराहना की। अरुल अरोरा और उनकी टीम के सदस्य भंडारे में आने वाले भक्तों की सेवा में जुटे रहे।
आस्था के साथ सेवा का संदेश
नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित यह भंडारा धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण का संदेश देता नजर आया। माता के दरबार में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। महाष्टमी पर उमड़ी भीड़ और प्रसादी के लिए लगी कतारों के बीच मंदिर परिसर में दिनभर माता के जयकारे गूंजते रहे।