नयागांव। नयागांव बार्डर आरटीओ चेकपोस्ट पर ट्रक चालक के साथ कथित मारपीट के बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया। चालक को थप्पड़ मारने की बात सामने आने के बाद ट्रक चालकों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच चेकपोस्ट पर हंगामे के साथ आगजनी की घटना भी हुई। जिस स्थान से ट्रक चालकों को इशारा कर अंदर जाने का रास्ता दिखाया जाता था, उसी स्थान को आग के हवाले कर दिया गया। घटनाक्रम के चलते नीमच-मऊ मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही नीमच पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसडीएम सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल की तैनाती के बीच हालात संभालने और जाम खुलवाने के प्रयास किया गया। चेकपोस्ट पर विवाद से भड़का आक्रोश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरटीओ बैरियर पर वाहनों की जांच और दस्तावेजों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी दौरान एक ट्रक चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने और उसे थप्पड़ मारने का आरोप सामने आया। इसकी जानकारी अन्य ट्रक चालकों तक पहुंचने के बाद विरोध तेज हो गया। देखते ही देखते मामला हंगामे तक पहुंच गया और चेकपोस्ट क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इसी दौरान आगजनी की घटना सामने आई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जिस रास्ते से ट्रकों को भेजा जाता था, वहीं लगाई आग-,घटनास्थल से सामने आई जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर जिस स्थान से ट्रक चालकों को इशारा कर अंदर की ओर जाने का रास्ता दिखाया जाता था, उसे आग के हवाले कर दिया गया। आगजनी की घटना के बाद चेकपोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे। हालांकि, आग लगाने वालों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसपी-एएसपी ने संभाला मोर्चा, जाम खुलवाने की कवायद
घटना की गंभीरता को देखते हुए नीमच एसपी राजेश व्यास और एडिशनल एसपी, एसडीएम नयागांव पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया और प्रभावित मार्ग पर यातायात बहाल किया गया। जाम के कारण मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मारपीट और आगजनी की जांच पर टिकी नजरें-नयागांव आरटीओ चेकपोस्ट पर हुए घटनाक्रम ने बैरियर पर जांच व्यवस्था और ट्रक चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रण में लाकर यातायात सुचारू करने की है। मारपीट के आरोपों, आगजनी और घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों के संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।