नीमच। जिले के हिंगोरिया में भाजपा जिला मंत्री रोशन वर्मा और नागदा मेनारिया समाज के कुछ लोगों के बीच हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद के बाद दर्ज हुए मुकदमे को लेकर नागदा मेनारिया समाज में नाराजगी देखी जा रही है। समाज के लोगों ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस मामले को लेकर समाज के लोगों ने विधायक दिलीप सिंह परिहार और पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास को ज्ञापन सौंपकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
समाज के लोगों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल।-नागदा मेनारिया समाज के लोगों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते समाज के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि वे न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
हिंदू समाज के नाम से दिए गए ज्ञापन में बैनर को लेकर विवाद-इस पूरे घटनाक्रम के बीच रोशन वर्मा के समर्थन में कुछ लोगों द्वारा हिंदू समाज के नाम से ज्ञापन सौंपे जाने का मामला भी सामने आया है। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, इस दौरान नागदा मेनारिया समाज का बैनर भी लगाया गया, जिस पर समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इस ज्ञापन और उसमें लगाए गए बैनर से नागदा मेनारिया समाज का कोई लेना-देना नहीं है। समाज की सहमति के बिना बैनर का उपयोग किए जाने पर उन्होंने विरोध जताया है। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि बैनर पकड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
गांधी वाटिका में जुटेगा समाज, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग-मामले को लेकर नागदा मेनारिया संगठन ने समाज के लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही है। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार कल सुबह 11 बजे सभी समाजजन गांधी वाटिका में एकत्रित होकर ज्ञापन सौंपेंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
समाज के लोगों का कहना है कि विवाद में यदि किसी के खिलाफ गलत कार्रवाई हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समाज इस मामले में किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा।
मामले को लेकर आंदोलन की तैयारी-सत्ताधारी भाजपा से जुड़े नेता के द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और मुकदमे को लेकर समाज में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है। समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग किसी के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की है।