रतनगढ। नगर में शासन की बेशकीमती और सरकारी जमीनों पर अवैध खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रतनगढ़ के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के नाम से आवंटित जमीन का है,जहां बेखौफ होकर अवैध खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर कृत्य की भनक न तो स्कूल प्रबंधन को है। और न ही स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार नुमाइंदों को।
ऑरेंज कलर की टाटा हिताची जेसीबी से हो रहा अवैध खनन-प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की आवंटित भूमि पर टाटा हिताची कंपनी की ऑरेंज कलर की जेसीबी नंबर: MP 44 ZB 1812 के जरिए अवैध रूप से मिट्टी और जमीन की खुदाई की जा रही है। चर्चा है कि यह जेसीबी रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी/ठेकेदार "दरबार एण्ड दरबार" (मनासा) की है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उक्त ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी इसी जगह पर अवैध रूप से खुदाई कर जमीन को पूरी तरह खोखला कर दिया गया था। उस समय भी किसी ठोस प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में आज इस ठेकेदार के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। और वह बेखौफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है।
*जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया-'हमें कोई खबर नहीं'
इस पूरे मामले को लेकर जब शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य रविन्द्र सिंह राय से संपर्क किया गया तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि स्कूल प्रशासन द्वारा ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई है और न ही विद्यालय स्तर पर कोई कार्य करवाया जा रहा है।वहीं जब क्षेत्र के हल्का पटवारी विनय तिवारी से इस अवैध खनन के संबंध में जानकारी ली गई, तो उनका जवाब भी हैरान करने वाला था। पटवारी ने सीधे तौर पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे बड़े सवाल-सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी शह पर स्कूल की जमीन पर जेसीबी गरज रही है? जब विद्यालय के प्राचार्य और क्षेत्र के पटवारी दोनों ही इस अवैध गतिविधि से अनजान हैं,तो फिर किसकी अनुमति से खनन माफिया खुलेआम सरकारी संपत्ति को छलनी कर रहे हैं? यह स्थिति प्रशासनिक निगरानी और लचर व्यवस्था की पोल खोलती है।
*स्थानीय जनता की मांग,ठेकेदार को किया जाए ब्लैकलिस्टेड-जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेपरवाही और पूर्व के कृत्यों को नजरअंदाज किए जाने के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों में भारी आक्रोश है।जनता और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि अवैध खनन में संलिप्त ऑरेंज कलर की टाटा हिताची जेसीबी (नंबर: MP 44 ZB 1812) को तुरंत मौके से जब्त किया जाए। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ बिना अनुमति शासकीय भूमि पर खनन करने और पूर्व में शासन को लाखों रुपए की रॉयल्टी का नुकसान पहुंचाने को लेकर सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले इस ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्टेड घोषित किया जाए।
इस संबंध में रतनगढ़ टप्पा तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार रुपसिंह राजपूत से जानकारी लेने पर उन्होंने शीघ्र इस मामले को दिखवाने की बात कही। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषियों पर शिकंजा कसता है या फिर मामले को हमेशा की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।