जावद। सिंगोली तहसील क्षेत्र के कछाला सहित आसपास के गांवों में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। बिजली ग्रिड पर तालाबंदी और चक्काजाम कर विरोध जताने की घटना को लेकर कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश रांका ने सरकार पर निशाना साधते हुए बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

प्रकाश रांका ने कहा कि बिजली कटौती से किसान खेती-किसानी और ग्रामीण दैनिक जरूरतों को लेकर परेशान हैं। आखिर लोगों को अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? उन्होंने कहा कि जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

एम्बुलेंस को रास्ता देकर पेश की मानवता की मिसाल

विरोध प्रदर्शन के दौरान एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए किसानों ने जिस तरह संवेदनशीलता दिखाई, वह सराहनीय है। रांका ने कहा कि आंदोलन के बीच किसानों ने मरीज की परेशानी को समझते हुए मानवता को प्राथमिकता दी। जब किसान विरोध के दौरान भी इंसानियत का फर्ज निभा सकते हैं, तो सरकार जनता की परेशानियों के प्रति संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाती?

बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग

एडवोकेट प्रकाश रांका ने प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति तत्काल नियमित करने, अघोषित कटौती पर रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।

रांका ने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुनकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसानों ने एम्बुलेंस को रास्ता देकर मानवता निभाई है, अब सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बिजली संकट से राहत देनी चाहिए।