जावद। नगर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति निर्माण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर के कई हिस्सों में शासकीय एवं विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग और नगर परिषद से दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है। बताया जा रहा है कि टप्पा तहसील कार्यालय के आसपास भी कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिन भूमियों को पूर्व में शासकीय बताते हुए नोटिस जारी किए गए थे,उन्हीं स्थानों पर अब निर्माण गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। ऐसे में इन जमीनों की वास्तविक स्थिति,स्वामित्व और निर्माण की अनुमति को लेकर जांच की आवश्यकता है।
20 सूत्रीय पट्टे की भूमि पर निर्माण का आरोप,टप्पा तहसील कार्यालय के समीप एक निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि संबंधित भूमि 20 सूत्रीय पट्टे से जुड़ी है। आरोप है कि भूमि के वैध स्वामित्व, नामांतरण और अन्य राजस्व दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट हुए बिना पक्का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सड़क सीमा और निर्माण को लेकर भी सवाल,नगर में सड़क मार्ग की निर्धारित सीमा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ निर्माण सड़क की सीमा के नजदीक किए जा रहे हैं,जिससे भविष्य में यातायात और सुरक्षा संबंधी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन से मौके की नाप-जोख कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
बस स्टैंड क्षेत्र में भी अतिक्रमण का आरोप
मुख्य बस स्टैंड परिसर के आसपास भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण और निर्माण किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर नियम विरुद्ध निर्माण हुआ है तो नगर परिषद और राजस्व विभाग को तत्काल सीमांकन कर कार्रवाई करनी चाहिए।
जांच और सीमांकन की मांग,स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि विवादित भूमियों के खसरा,पट्टा, नामांतरण, स्वामित्व एवं निर्माण अनुमति से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही राजस्व विभाग की टीम से मौके पर निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए और यदि निर्माण अवैध पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात यह है कि रतनगढ़ नगर परिषद और राजस्व विभाग इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित निर्माण वैध अनुमति के आधार पर किए गए हैं अथवा नियमों का उल्लंघन हुआ है।