जावद।बीते दिनों झांतला से सिंगोली तक निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान विधायक सखलेचा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता ने विधायक पर तिरंगे के अपमान का गंभीर आरोप लगाया था। पार्टी के कुछ नेताओं ने दावा किया था कि तिरंगा आड़ा लगा हुआ था। हमारी टीम द्वारा जब इस मामले की गहन पड़ताल की गई तो सच्चाई बिल्कुल अलग सामने आई। वीडियो में दिख रहा दृश्य दरअसल झंडे को लहराने के दौरान उत्पन्न हुआ था। हवा और गति के कारण तिरंगा डंडे के चारों ओर लिपट गया था, जिससे दूर से देखने पर ऐसा आभास होता था कि झंडा आड़ा या गलत तरीके से लगा है। वास्तविकता यह है कि तिरंगा सही तरीके से और सम्मानपूर्वक लगा हुआ था। किसी भी प्रकार का अपमान या लापरवाही का कोई प्रमाण नहीं मिला। इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश जैन बगड़ा ने कहा, “रैली में भारी भीड़ उमड़ी थी। लगभग 500 लोगों की संख्या में बाइक रैली निकाली गई थी। इतनी बड़ी और उत्साही भीड़ को देखकर कांग्रेस के कुछ नेता उलूल-जुलूल बातें कर रहे हैं। सत्यता को अच्छी तरह जानते हुए भी उसे न मानकर झूठी और भ्रामक बातें फैलाना कुछ कांग्रेसी नेताओं का शगल बन चुका है। तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति और एकता का प्रतीक थी, इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए हमारे नेता बदनाम करने की कोशिश निंदनीय है।” बगड़ा ने आगे कहा कि तिरंगे का सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य है। कांग्रेस को चाहिए कि वह सच्चाई स्वीकार करे और झूठे प्रचार से बाज आए।इस स्पष्टीकरण के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि इस मामले को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां दूर होंगी और तिरंगा यात्रा का मूल उद्देश्य—राष्ट्रभक्ति और एकता—ही लोगों के मन में रहेगा।