नीमच। ज्ञानोदय परिसर में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। तिरंगे रंगों से सजे विद्यालय परिसर में सुबह से ही विद्यार्थियों,शिक्षकों एवं अभिभावकों में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय बैंड द्वारा किया गया तत्पश्यात झंडा वंदन तथा बच्चों की। आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ज्ञानोदय ग्रुप की सभी संस्थाए सम्मिलित हुई । विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर प्रसतुत किया। प्रधानाचार्य आशुतोष रास्तोगी ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी. एल.अहीर,माननीय कुलपति, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय,सुरेंद्र वधवा (अध्यक्ष सुप्रभात योग मित्र मंडल),श्रीमती विजया वधवा (पूर्व प्राध्यापक जाजू महाविद्यालय),श्रीमती वंदना मंत्री (अध्यक्ष माहेश्वरी महिला मंडल नीमच), श्रीमती सीमा गर्ग (अध्यक्ष वैश्य समाज महिला प्रकोष्ट) श्री अनिल चौरसिया (सचिव ज्ञानोदय शिक्षण समिति, नीमच),डॉ. माधुरी चौरसिया (निर्देशिका ज्ञानोदय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस), डॉ. प्रशांत शर्मा(ग्रुप डायरेक्टर ज्ञानोदय ग्रुप ऑफ), डॉ.गरिमा चौरसिया निर्देशिका (ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल) की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढाई | विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, पूरा परिसर राष्ट्रगान की गूंज से भर उठा। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों ने राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.डी.एल. अहीर,माननीय वाईस चांसलर, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय,सुरेंद्र वधवा ध्वजारोहण के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, कविताएँ, भाषण, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। नन्हे विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न राज्यों एवं संस्कृतियों को दर्शाती प्रस्तुतियों के माध्यम सेविविधता में एकताका संदेश दिया। देशभक्ति गीतों की मधुर धुनों और विद्यार्थियों के जोशीले प्रदर्शन से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत हो गया। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों एवं राष्ट्रनायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया। विद्यार्थियों ने बताया कि आजादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा भी देती है। इस अवसर पर ज्ञानोदय शिक्षण समिति सचिव श्री अनिल चौरसिया ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता हमें हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से प्राप्त हुई है। आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है और हमें अपने कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर मेंभारत माता की जय”, “वंदे मातरम्और जय हिंदके नारों से वातावरण गूंज उठा। विद्यार्थियों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम की भावना से सराबोर नजर आया। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। इस वर्ष के हेड बॉय,हेड गर्ल,वाइस हेड बॉय,जूनियर वाइस हेड बॉय,जूनियर वाइस हेड गर्ल,स्कूल एडिटोरियल कैप्टन,जूनियर स्कूल एडिटोरियल कैप्टन,क्लेंलिनेस कैप्टन, जूनियर क्लेंलिनेस कैप्टन,स्पोर्ट्स कैप्टन,वाइस स्पोर्ट्स कैप्टन,जूनियर वाइस स्पोर्ट्स कैप्टन,स्कूल डिसिप्लिन कैप्टन,जूनियर,स्कूल डिसिप्लिन कैप्टन, कल्चरल कैप्टन जूनियर कल्चरल कैप्टन,जूनियर वाइस कल्चरल कैप्टन, हाउस कैप्टन,वाइस हाउस कैप्टन सभी को भी सम्मानित किया गया | ज्ञानोदय ग्रुप की सभी संस्थाओ के प्राचार्य व् स्टाफ इस अवसर पर मौजूद रहे | इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और स्टाफ का सहयोग रहा। वोट और थैंक्स सिद्धि बोथरा ने किया कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं। मिठाई वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।ज्ञानोदय का यह स्वतंत्रता दिवस समारोह विद्यार्थियों के लिए केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि देशभक्ति, त्याग, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाला यादगार अवसर बन गया।