नीमच, 06 अगस्त 2026। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि पशुपालकों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक जिले के 6 हजार 200 पशुपालकों को लगभग 23 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में 80 करोड़ रुपये के लक्ष्य की पूर्ति के लिए आगामी माह में 3 हजार 500 नए केसीसी प्रकरण तैयार कर स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि केसीसी से मिलने वाली कार्यशील पूंजी का उपयोग पशुओं के पोषण, चिकित्सा, बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक खर्चों में होने से पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। बैठक में नस्ल सुधार कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने वार्षिक लक्ष्य 79 हजार 344 के विरुद्ध अब तक एक लाख 66 हजार 111 कृत्रिम गर्भाधान किए हैं। वहीं मादा बछिया उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से 7 हजार 900 के लक्ष्य के विरुद्ध एक हजार 949 गर्भाधान किए गए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से विकासखंड नीमच में इस कार्यक्रम की प्रगति में सुधार लाने तथा सफलता दर बढ़ाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत चयनित 82 ग्रामों में विभागीय गतिविधियों के साथ निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में स्थानांतरित करने तथा अवर्णित नस्ल के नर पशुओं के बधियाकरण की कार्रवाई ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत पशु वितरण की कार्रवाई इसी माह पूर्ण करने तथा मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना में माह के भीतर 30 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागीय स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए निष्क्रिय मैत्री कार्यकर्ताओं से किट वापस लेने, उनका पंजीयन निरस्त करने तथा मैत्री विहीन 91 ग्राम पंचायतों के लिए नए आवेदन शीघ्र आमंत्रित कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुलभ हो सकें। समीक्षा में बताया गया कि हरा चारा उत्पादन कार्यक्रम के तहत इस वर्ष 1 हजार 500 मिनीकिट चारा बीज वितरित किए गए हैं। आगामी रबी सीजन के लिए सीएसआर के माध्यम से एक हजार अतिरिक्त मिनीकिट उपलब्ध कराने की तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 1 जुलाई से 15 सितंबर तक संचालित खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 2 लाख 93 हजार 300 पशुओं के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1 लाख 7 हजार 493 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने अभियान में तेजी लाते हुए सभी टीकाकरण की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जावद विकासखंड में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.एल. मालवीय को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा कार्यों में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए।