( मनोज मीणा )

नीमच । चंगेरा स्थित नई कृषि उपज मंडी तक पहुंचने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई सीसी सड़क निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही जवाब देने लगी है। मंडी जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क बीच से धंस गई है। सड़क के नीचे की मिट्टी बैठने से सीसी रोड में दरारें पड़ गई हैं और कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह असमतल हो चुकी है। हादसों की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्सों पर बैरिकेड लगाकर आवागमन रोक दिया है। कुछ स्थानों पर मिट्टी और गिट्टी डालकर अस्थायी मरम्मत की गई है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। नई मंडी में जिले की प्रमुख कृषि जिंसों का कारोबार शिफ्ट हुए अभी लगभग एक वर्ष ही हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और कार्य की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

किसानों, व्यापारियों और वाहन चालकों का कहना है कि नई मंडी तक प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप और भारी वाहन पहुंचते हैं। मुख्य मार्ग खराब होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

गारंटी अवधि में सड़क खराब, जवाबदेही पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों की एक निर्धारित गारंटी अवधि होती है। उसके भीतर सड़क खराब होने पर संबंधित निर्माण एजेंसी को मरम्मत कराना अनिवार्य माना जाता है। ऐसे में गारंटी अवधि के दौरान ही सड़क का धंसना तकनीकी खामी या गुणवत्ता संबंधी लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जांच और स्थायी मरम्मत की मांग

किसानों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने तथा दोषी एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश और भारी वाहनों के दबाव से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है।