नीमच। मनासा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कंजार्डा अंतर्गत गरवाड़ा स्थित शासकीय गौशाला की चरणोत भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गौशाला के लिए चिन्हित लगभग 60 बीघा चरणोत भूमि को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त किए बिना ही गौशाला का संचालन प्रारंभ कर दिया गया। मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शेष भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा गौशाला के नाम भूमि दर्ज कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी,लेकिन उनके अनुसार मौके पर केवल सीमित क्षेत्र से ही अतिक्रमण हटाया गया,जबकि शेष भूमि अब भी कब्जे में होने का आरोप है। उनका कहना है कि यह भूमि गौवंश के चरने एवं चारा उत्पादन के लिए आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि को लेकर पूर्व से कई शिकायतें तहसील एवं अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में लंबित हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई हो तो जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं की चरणोत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है,ऐसे में कंजार्डा का मामला भी उसी अभियान के तहत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।