नीमच। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है... पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है!" कुछ ऐसा ही नजारा आज नीमच में देखने को मिला, जहाँ मेघवाल समाज के होनहारों ने साबित कर दिया कि मेहनत और प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। रविवार को नीमच में आयोजित एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' में समाज के चमकते सितारों, नवनियुक्त सरकारी सेवकों और सेवानिवृत्त विभूतियों का जोर-शोर से नागरिक अभिनंदन किया गया।
बाबा साहेब और मां सरस्वती के वंदन से आगाज:-  समारोह की शुरुआत संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। सुआ खेड़ा के 'चतुर्भुज' ने बढ़ाया मान:- कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेघावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
विशेष आकर्षण का केंद्र रहा गांव सुआ खेड़ा, जहाँ के चार होनहारों ने अपने गांव और समाज का नाम रोशन किया! 
- हिमांशु मेघवाल- भूपेश मेघवाल
- सलोनी मेघवाल- सुनील मेघवाल
इन चारों प्रतिभावान विद्यार्थियों को मंच पर स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सरकारी सेवा में चयनितों और सेवानिवृत्त विभूतियों का अभिनंदन:-  कार्यक्रम सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। 2026 में सरकारी नौकरियों में नवनियुक्त हुए युवाओं को भविष्य की शुभकामनाओं के साथ सम्मानित किया गया। साथ ही, अपनी जिंदगी का लंबा समय राष्ट्र और समाज की सेवा में देने के बाद वर्ष 2026 में सेवानिवृत्त (Retired) हुए वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों का भी शॉल-श्रीफल से भावुक अभिनंदन किया गया। दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह:-  कार्यक्रम में राजनीतिक व सामाजिक जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की और युवाओं का मार्गदर्शन किया! ओम प्रकाश सखलेचा (विधायक, जावद - मुख्य अतिथि)दिलीप सिंह परिहार (विधायक, नीमच - बापू साहब) माधव मारू (विधायक, मनासा अतिथियों का संदेश: "मेघवाल समाज के इन छात्र-छात्राओं ने अपनी मेहनत से यह सिद्ध कर दिया है कि लगन और सही दिशा मिले तो सफलता कदम चूमती है। समाज के युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

'बेटा-बेटी एक समान, शिक्षा से ही बनेगा महान:-समारोह में उपस्थित समाजजनों ने संकल्प लिया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। होनहारों के चेहरे की चमक और उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू इस बात का सबूत थे कि मेघवाल समाज की नई पीढ़ी अब हर क्षेत्र में अपना परचम लहराने के लिए तैयार है!