नीमच। जिले के जावद थाना क्षेत्र में एक मजदूर के साथ कथित रूप से बंधक बनाकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि करीब 20 महीने की बकाया मजदूरी मांगने पर उसे खेत पर बने टीन शेड में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। शिकायत के आधार पर जावद थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सुरेश जाट (35) निवासी कुंकड़ेश्वर, थाना खवासा पिछले लगभग दो वर्षों से अशोक जाट का कुल्फी टेम्पो चलाता था। उसकी मासिक मजदूरी 12 हजार रुपये तय थी, लेकिन आरोप है कि करीब 20 महीने के दौरान उसे केवल 20 हजार रुपये ही दिए गए। जब उसने कई बार अपनी बकाया मजदूरी की मांग की, तो उसे टाल दिया गया।
बकाया भुगतान का झांसा देकर खेत पर बुलाया एफआईआर के अनुसार, 23 जुलाई की रात करीब 9 बजे अशोक जाट, हरीश जाट और पप्पू बैरागी कथित रूप से सुरेश के पास पहुंचे और दो दिन में पूरा बकाया भुगतान करने तथा दोबारा काम पर रखने का भरोसा देकर उसे अपने साथ ले गए। आरोप है कि उसे अशोक जाट के खेत पर ले जाया गया, जहां विवाद के दौरान उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया और खेत पर बने टीन शेड के कमरे में बंद कर दिया गया।
बेल्ट से मारपीट, गंभीर चोटों का आरोप
पीड़ित ने शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने प्रेशर मशीन की बेल्ट से उसकी बेरहमी से पिटाई की। मारपीट में उसकी पीठ, पैर, हाथ, कोहनी और गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। साथ ही भविष्य में मजदूरी मांगने या काम छोड़ने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
रातभर कमरे में रखा, सुबह परिजनों ने निकाला शिकायत के मुताबिक, सुरेश को पूरी रात कमरे में बंद रखा गया। अगले दिन सुबह उसके रिश्तेदार खेत पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों के साथ वह जावद थाने पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
जावद थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (बंधक बनाना), 296(बी) (गाली-गलौज), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) तथा 3(5) (साझा आपराधिक कृत्य) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।