नीमच। शहर में बीते कुछ दिनों से जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य औषधि विभाग द्वारा खान - पान की होटलों पर लगातार छापामार सेंपलिंग कार्यवाही की जा रही है, और अनियमितता पाए जाने पर होटल संचालकों को सख्त हिदायत देने के साथ ही, प्रकरण भी बनाए जा रहे है,  वैसे स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों की शुद्धता भी जरूरी है, और समय-समय पर स्वादिष्ट लगने वाले व्यंजनों की जांच पड़ताल हेतु सेंपलिंग कार्यवाही की आवश्यकता भी है...ताकि खाद्य सामग्री का व्यापार करने वाले आमजन के स्वास्थ्य का भी पूरी सावधानी के साथ खयाल रखा जा सके...! वहीं पिछले कुछ समय से निरंतर देखने को मिल रही खाद्य विभाग की कार्यवाहियों के दौरान बाजारों में एक नई बहस भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जो संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हुए जिम्मेदारों की अनदेखी को उजागर कर रही है, शहर में व्यापारिक संस्थानों के संचालकों और बुद्धिजीवी वर्ग के बीच इस बात को गंभीरता के साथ विमर्श किया जा रहा है, की आखिर खाद्य उपयोगी सामग्रियों का उत्पादन या उसकी पेकिंग करने वाले शहर के नामचीन कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन का डंडा क्यों नहीं चलता...?
छोटे-मोटे होटल संचालकों के खिलाफ कार्यवाही कर अपनी पीठ थप तपाने वाले जिम्मेदारों की निगाहों से शहर के मिलावट माफिया आखिर क्यों ओझल हो गए है... बात करें खाद्य तेल कारोबार में मिलावट के घाल मेल की तो सबसे ज्यादा अनियमितता तेल कारोबारियों के ठिकानों पर देखी जा सकती है... जिनके छोटे से तेल कारोबार ने आज उन्हें उद्योगपति बना दिया और शहर से जुड़े इलाकों में तेल कारोबारियों के कारखाने संचालित हो रहे है... ऐसे में मिलावट खोरी की यह जड़ शहर के छोटे संस्थानों से लेकर तेल मिलो तक फैल चुकी है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं... ! एक चर्चित तेल कारोबारी से जुड़ा एक गंभीर मसला इन दिनों लोगों के बीच खासा चर्चा का विषय बना हुआ है, बताया जा रहा है कि शहर के पिछड़े इलाके में गिने जाने वाले "बिहार गंज" में एक मिलावट खोर तेल कारोबारी की गतिविधि पर प्रशासन आखिर क्यों मौन है, जिसका छोटा सा तेल कारोबार आज बड़े उद्योग में बदल चुका है...। बता दे की शहर में नामचीन  इस कारोबारी की ख्याति है, जिसके संस्थान पर पूर्व में कई बार मर्तबा पॉम तेल मिलावट की आशंका में खाद्य विभाग की छापामार कार्यवाही भी हो चुकी है...ऐसे में बाजार से रसोई तक पहुंचने वाले खाद्य तेल की गुणवत्ता को लेकर भी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को सुध लेने की आवश्यकता है...!