नीमच । आशा एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन सीटू की जिला अध्यक्ष कृष्णा कांटे एवं महासचिव रेखा व्यास ने जारी एक प्रेस नोट में बताया कि आशा एवं पर्यवेक्षकों के वेतन भुगतान में तीन -चार माहीने का विलम्ब, आशाओं के वेतन (प्रोत्साहन राशि) में गम्भीर अनिमियता और अनुचित कटौती के विरोध में, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 1000 रुपये की वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर सहित भुगतान आदि 18 सूत्रीय मांगों को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र के पहला दिन 20 जुलाई को आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बडी संख्या में आशा एवं पर्यवेक्षकों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश के मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन करते हुये समस्यओं का निराकरण की मांग की। प्रदर्शन में संयुक्त मोर्चा से जुडी आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीटू) एवं म.प्र. आशा आशा सहयोगिनी संघ की प्रदेश की 32 जिलों से 4000 के लगभग आशा एवं पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। इसमें नीमच से करीब 50 से अधिक आशा एवं पर्यवेक्षक शामिल हुई। इस दौरान आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एनएचएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर जबर्दस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीटू) की ओर से प्रदेश अध्यक्ष कविता सोलंकी, महासचिव पूजा कनौजिया, कार्यवाहक अध्यक्ष ए टी पदमनाभन, म.प्र. आशा आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ की प्रदेश अघ्यक्ष लक्ष्मी कौरव, पुष्पा निमोले आदि ने मुख्य रूप से सम्बोधित किया। प्रदर्शन का नेतृत्व किरण डेहरिया, प्रीती विश्वकर्मा, निर्मला सिंह आदि ने की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आशायें लगभग 20-22 वर्षों से विभाग में कार्य कर रही है। आशा एवं पर्यवेक्षकों की मेहनत के बल पर प्रदेश में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु की दरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुयी और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देश की आशाओं को पुरस्कृत किया, लेकिन विभाग एवं सरकार ने आशाओं की स्थिति, खास कर आर्थिक हालात को सुधारने के लिये कोई कदम नही उठाया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का एनएचएम मध्य प्रदेश के कार्यालय में अतिरिक्त संचालक महोदया के साथ ज्ञापन के सम्बन्ध में बिन्दुवार चर्चा की जिसमें उन्होंने समय पर वेतन भुगतान एवं वेतन भुगतान की विसंगतियों को दूर करने हेतु ठोस कदम उठाने, 1000 रुपये का वार्षिक वृद्धि के सम्बन्ध में कदम उठाने, आशा एवं पर्यवेक्षकों के वेतन का विवरण, कटौती और उसका कारण आदि को दर्शाने वाले "वेतन पर्ची " देने, आशा एवं पर्यवेक्षकों की रिक्त पदों पर नई भर्ती करने हेतु कदम उठाने, गैर विभागीय काम करने के लिये आशाओं पर दबाव डालने से रोकने, आयुष्मान कार्ड बनाने का भुगतान करने सहित विभिीन्न मांगों पर चर्चा हुयी एवं विभिन्न मुद्दों पर कार्यवाही करने का आश्वास दिये। प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त मोर्चा की 10 प्रतिनिधियों में सीटू यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कविता सोलंकी, महासचिव पूजा कनौजिया, निर्मला सिंह, किरण डेहरिया एवं एटी पद्मनाभन एवं श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह चर्चा संतोषजनक रही. संयुक्त मोर्चा ने आशा व्यक्त किया है कि आशाओं का वर्षों से लम्बित वेतन सम्बन्धी समयाओं का समाधान हो सकेगा.
सादर प्रकाश नार्थ
सुनील शर्मा 9993 160 607