तालाब की जमीन पर फर्जीवाड़े के आरोप से मचा हड़कंप, मृत खातेदार के नाम की भूमि बिक्री पर उठे सवाल
13 Jun 2026
NEEMUCH NEWS
नीमच। जिले के बरखेड़ा हल्के में तालाब क्षेत्र से जुड़ी जमीन के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सर्वे नंबर 936 एवं 938 की जमीन, जो तालाब क्षेत्र का हिस्सा बताई जा रही है, उसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि करीब 100 वर्षों से काशीराम भील के नाम दर्ज थी। उनका दावा है कि काशीराम भील का लगभग 25 वर्ष पूर्व निधन हो चुका था तथा उनका कोई प्रत्यक्ष कानूनी वारिस नहीं था। इसके बावजूद वर्ष 2024 में छह कथित वारिस सामने आए और उनके माध्यम से भूमि का विक्रय देवीलाल नामक व्यक्ति को कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन का नामांतरण और विक्रय होने के बाद उसके कुछ हिस्से अन्य लोगों को भी बेच दिए गए। इसके बाद विवादित भूमि पर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी गई। आरोप है कि तालाब क्षेत्र में मिट्टी डालने और खंभे गाड़ने का कार्य भी किया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद फिलहाल मिट्टी भरने का कार्य रुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण या भराव किया गया तो इससे जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी। साथ ही वर्षों पुराने पारंपरिक मार्ग के बंद होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि बिना प्रशासनिक सहयोग के इतनी बड़ी दस्तावेजी प्रक्रिया संभव नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गांव के लोगों का कहना है कि विवादित भूमि क्षेत्र के महत्वपूर्ण जल स्रोत से जुड़ी हुई है, इसलिए इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राजस्व अभिलेखों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा तालाब क्षेत्र को सुरक्षित रखने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत के बाद पूरे प्रकरण पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।