*(प्रितेश सारड़ा, नीमच)* नीमच। दो दिवसीय, वार्षिक निरीक्षण पर नीमच पहुंचे रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। डीआईजी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि *मालवा से सप्लाई होने वाले इस अवैध नशे के तार सीधे पश्चिम बंगाल यानी वेस्ट बंगाल तक जुड़े हुए हैं,* जहां तस्कर थोक मात्रा में करोड़ों का नशा सप्लाई कर रहे थे। हाल ही में मंदसौर में पकड़ी गई 20 किलो हाई-क्वालिटी ब्राउन शुगर की जांच में मालवा और पश्चिम बंगाल के इस खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने इस साल अब तक नशा बनाने वाली 3 बड़ी अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मालवा-वेस्ट बंगाल ड्रग रूट पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने कुख्यात तस्कर दिलावर खान के पूरे नेटवर्क और चिकलाना में चल रही अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का फोकस अब सिर्फ माल देने वाले छोटे कैरियर पर नहीं है, बल्कि मालवा से लेकर बंगाल तक इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले असली सप्लायरों और खरीदारों बायर्स पर है, जिन्हें पुलिस लगातार दबोच रही है। नशे के इस काले साम्राज्य की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने अब सफेमा कानून के तहत ड्रग्स माफियाओं की करोड़ों की अचल संपत्तियों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, जिनके केस तैयार कर बॉम्बे भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही, राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं पर छिपे वांटेड तस्करों पर इनाम घोषित कर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। डीआईजी ने पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता का भरोसा देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि यदि विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध पाया गया, तो उस पर भी सबसे कठोर एक्शन लिया जाएगा।