मनासा/कुकड़ेश्वर: सत्ता का रसूख भी काम न आया और न ही 'खास' पारिवारिक कनेक्शन बचा पाया! मध्य प्रदेश के मनासा में प्रशासन ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने पूरे राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। नगर कुकड़ेश्वर के रसूखदार भाजपा नेता और नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि उज्जवल पटवा के अवैध साम्राज्य पर आज शनिवार को प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) जमकर गरजा। करोड़ों की 'सरकारी तिजोरी' पर था कब्जा:- मामला मनासा का है, जहां बेशकीमती शासकीय नजूल भूमि पर बीजेपी नेता उज्जवल पटवा ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। रसूख के दम पर इस सरकारी जमीन पर एक-दो नहीं, बल्कि 7 से अधिक पक्की दुकानें तान दी गई थीं। बताया जा रहा है कि इस जमीन की बाजार कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। कानून सबके लिए बराबर है" का संदेश देते हुए नगर परिषद मनासा और स्थानीय प्रशासन की टीम आज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। देखते ही देखते बुलडोजर ने बीजेपी नेता द्वारा बनाई गई दुकानों को मलबे में तब्दील कर दिया। आज शनिवार को जब प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा, तो अतिक्रमणकारियों के होश उड़ गए। 7 करोड़ की जमीन मुक्त: - प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर रसूखदारों का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करोड़ों की इस जमीन को अब पूरी तरह से शासकीय नियंत्रण में ले लिया गया है। इलाके में राजनीतिक हड़कंप अपनी ही सरकार में बीजेपी नेता के खिलाफ हुए इस कड़े एक्शन के बाद क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में खौफ का माहौल है। लोग हैरान हैं कि पूर्व सीएम के परिवार से जुड़े नेता पर इतनी सख्त कार्रवाई हो गई। प्रशासन की इस 'नो-टॉलरेंस' नीति की क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है। साफ संदेश है— रसूख चाहे कितना भी बड़ा हो, अगर जमीन सरकारी है... तो बुलडोजर चलना तय है! ..