बीजग्राम योजना में बड़ा घोटाला? दस्तावेजों में 100 किसानों को गेहूं बीज वितरण का दावा, किसानों ने कहा- नहीं मिला बीज
04 Jun 2026NEEMUCH NEWS
मल्हारगढ़ | विशेष रिपोर्ट । गोपाल मालेचा । मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विकासखंड में बीजग्राम योजना के तहत गेहूं बीज वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए दस्तावेजो में रेतम फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड (FPO) द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम को जानकारी दी गई है कि रबी वर्ष 2025-26 में 34 गांवों के 100 किसानों को HI-8830 किस्म का 80 क्विंटल प्रमाणित गेहूं बीज वितरित किया गया।
लेकिन क्षेत्र के कई किसानों का दावा है कि उन्हें योजना के तहत कोई बीज प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में अब पूरे मामले में भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ दर्शाने की आशंका जताई जा रही है। प्राप्त पत्र में उल्लेख किया गया है कि बीजग्राम योजना के अंतर्गत 100 किसानों को नियम अनुसार अधिकतम 2 बैग (80 किलोग्राम) गेहूं बीज वितरित किया गया। साथ ही लाभार्थी किसानों की सत्यापित सूची और आवश्यक दस्तावेज राष्ट्रीय बीज निगम को भेजे जाने की बात भी कही गई है।
किसानों का कहना है कि यदि वास्तव में वितरण हुआ है तो प्रशासन किसानों के हस्ताक्षरयुक्त प्राप्ति पत्र,वितरण रजिस्टर और लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करे। आधे से ज्यादा किसानों का दावा है कि उनके नाम योजना में दर्शाए गए, लेकिन उन्हें बीज नहीं मिला।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
1.क्या वास्तव में 100 किसानों को गेहूं बीज वितरित किया गया?
2.लाभार्थियों के हस्ताक्षरयुक्त प्राप्ति दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं?
3.जिन किसानों को बीज नहीं मिला, उनके नाम सूची में कैसे दर्ज हुए?
4.वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन किस आधार पर किया गया?
5.क्या कागजों में वितरण दिखाकर शासकीय योजना की राशि का उपयोग किया गया?
मामले में अब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत लाभार्थी सूची,वितरण रजिस्टर,स्टॉक रजिस्टर,बिल-वाउचर, किसानों के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज और सत्यापन रिपोर्ट मांगे जाने की तैयारी है। किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि दस्तावेजों में दर्शाए गए किसानों को वास्तविक रूप से बीज वितरित नहीं किया गया,तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि शासकीय योजना में गंभीर वित्तीय अनियमितता और दस्तावेजी हेराफेरी का मामला बन सकता है।