1 सप्ताह में डीजीपी के 3 आदेश, हिल गया पुलिस का महकमा, नीमच में सालों से एक ही अनुभाग व थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों में हडकंप
21 Jun 2025
Local News
नीमच। प्रदेश के डीजीपी कैलाशजी मकवाना के एक सप्ताह में तीन अलग—अलग आदेश से पूरा पुलिस महकमा हिल गया है। नीमच में भी डीजीपी के आदेश के बाद सालों से जमे व दागी पुलिस कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो चुकी है। अगर डीजीपी साहब का आदेश "अक्षरशः" पालन होता है तो सभी थानों में एक भी दागी और एक भी "पुराने" पुलिसकर्मी नजर नहीं जाएंगे। नीमच जिले में पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल डीजीपी के तीनों आदेश के पालन के संबंध में बीते दिनों से काम कर रहे है और कुछ पुलिसकर्मियों को "लाइन" में भी जमा कर दिया है।
नीमच जिले में रीडर, स्टेनों एवं सहायक बीते कई सालों से एक ही कार्यालय पर काम कर रहे है, वे अपने रसूख के दम पर कुर्सी पर बने रहना चाहते हैं, लेकिन इस बार वे कामयाब नहीं हो पाएंगे। क्योंकि प्रदेश के मुखिया कैलाश मकवाना ने सख्त आदेश जारी किए है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को निर्देश दिए हैं कि जनता में पुलिस की छवि सुधारने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। इसके बाद विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन आदर्श कटियार ने 10 जून, 13 एवं 17 जून को सभी पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त एवं अन्य कार्यालय प्रमुखों के नाम निर्देश पत्र जारी किएैं। खास बात यह है कि इन पत्रों पर इतनी तेजी से अमल होता दिखाई दे रहा है, जो पिछले 20-25 साल में कभी नहीं हुआ।
पहला आदेश: एक ही थाने में पदस्थापना में 3 साल का अंतर हो—
10 जून 2025 को पुलिस मुख्यालय ने पहला आदेश 10 जून का निकाला। जिसमें सभी पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त एवं रेल पुलिस अधीक्षकों के नाम लिखा कि थानों में किसी भी कर्मचारी की पदस्थापना 5 साल से अधिक न हो। किसी कर्मचारी को उसी पर उसी थाने में पुन: पदस्थ न किया जाए। अलग-अलग पदों पर एक ही थाने में पदस्थापना में 3 साल का अंतर रखा जाए। एक अनुविभाग में 10 साल से ज्यादा कार्यकाल न हो। इन निर्देशों का पालन करने की समय-सीमा 16 जून थी।
दूसरा आदेश: रीडर, स्टोनो व सहायकों को हटाया जाए—
13 जून 2025 को दूसरे आदेश में सभी पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, रेंज उप पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक रेल, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी कार्यालय में लंबे समय से पदस्थ रीडर, स्टेनो एवं उनके सहायक कर्मचारियों को हटाने के निर्देश दिए। पीएचक्यू ने माना कि लंबी अवधि से एक ही स्थान पर कार्य करने से निहित स्वार्थ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने से पुलिस की निष्पक्ष छवि प्रदर्शित होगी।
तीसरा आदेश: दागी को पदस्थ न किया जाए—
17 जून 2025 को तीसरे आदेश से पुलिस के उन अधिकारी एवं कर्मचारियों को झटका लगा है, जो भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा, अपराधिक, अवैध निरोध एवं अन्य गतिविधियों में आरोपी हैं, विभागीय जांच लंबित, फिर भी थाने, क्राइम ब्रांच एवं अन्य प्रमुख जगह पर पदस्थ हैं। ऐसे किसी भी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को थाने, क्राइम ब्रांच में पदस्थ न किया जाए।