नीमच। मालवा की वैणोदेवी के नाम से प्रसिद्ध आरोग्य स्थल भादवा माता में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन किया था। नवरात्रि के प्रथम दिन से माता के दर्शन करने माता की एक झलक पाने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। म प्र के साथ राजस्थान, गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं में नवरात्रि में माता के दरबार में हाजरी लगाकर मात्था टेका। बुधवार को महाअष्टमी के अवसर पर सुबह से महामाया के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ना शुरु हो गया था। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक करीब एक लाख  से अधिक श्रद्धालुओं ने भादवा माता पहुंच महामाया के दर्शन किए। माहामाया भादवा माता के दरबार में पैदल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए नीमच से भादवा माता और मनासा से भादवा माता पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 28 किलोमीटर के नीमच-मनासा रोड पर कई सेवा स्टॉल माता के भक्तों ने लगाई थी। इस दौरान कहीं फलिहारी खिचड़ी, कहीं पोहे, कहीं दूध तो कहीं आईसक्रीम, रबड़ी और फ्रूट ज्यूस पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। मान्यता है कि यहां स्थित बावड़ी के पानी से स्नान करने और ग्रहण करने से लकवाग्रस्त मरीजों को राहत मिलती है।

कई यात्री नंगे पैर पहुंच किए दर्शन नवरात्र में श्रद्धालु मन्नाातें पूरी होने के लिए विभिन्ना प्रण लेते हैं। इस बार भी कई युवक-युवतियां नौ दिनों तक नंगे पैर रहे। कई श्रद्धालुओं ने अष्टमी पर भादवामाता के दर्शन के बाद जूते-चप्पल धारण किए। । नवरात्र में श्रद्धालु मन्नाातें पूरी होने के लिए विभिन्ना प्रण लेते हैं। इस बार भी कई युवक-युवतियां नौ दिनों तक नंगे पैर रहे। कई श्रद्धालुओं ने अष्टमी पर भादवामाता के दर्शन के बाद जूते-चप्पल धारण किए। ।

वहीं मंदिर परिसर में बुधवार रात 10ः30 बजे हवन शुरू हुआ मालवा की वैणोदेवी के नाम से प्रसिद्ध आरोग्य स्थल भादवा माता में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन किया था। नवरात्रि के प्रथम दिन से माता के दर्शन करने माता की एक झलक पाने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। म प्र के साथ राजस्थान, गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं में नवरात्रि में माता के दरबार में हाजरी लगाकर मात्था टेका। बुधवार को महाअष्टमी के अवसर पर सुबह से महामाया के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ना शुरु हो गया था। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक करीब एक लाख  से अधिक श्रद्धालुओं ने भादवा माता पहुंच महामाया के दर्शन किए। मंदिर परिसर में बुधवार रात करीब 10ः30 बजे शुभ मुहूर्त में महाअष्टमी हवन की शुरूआत हुई। इस दौरान विद्वान  पंडितों ने मंत्रोचार के साथ हवन को पूर्ण करवाया। इस दौरान हवन में बैठे यजमानों ने हवन में आहुंतिया देकर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। जवान में पूर्णाहुति गुरुवार अल सुबह ब्रह्म  मूहूर्त में हुई।