नीमच की कृषि मंडी में गुंडागर्दी का नंगा नाच, धीरेंद्र इंटरप्राइजेज के गुंडों ने नीमच मंडी में लाठी-सरिये बरसाए!,CCTV फुटेज आया सामने,पीड़ित पक्ष ने की कार्रवाई की मांग *(प्रितेश सारड़ा)* नीमच की नई कृषि मंडी एक बार फिर खून-खराबे और अराजकता का अखाड़ा बन गई है। गुरुवार को एक मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि लाठियां और सरिये सरेआम चले, और इस पूरे तांडव का **सीसीटीवी फुटेज** अब सामने आ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हमले के पीछे कोई और नहीं, बल्कि **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** का नाम सामने आ रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। *-- धीरेंद्र इंटरप्राइजेज के गुंडों का तांडव: मंडी में रुतबा कायम रखने की कोशिश?* गुरुवार दोपहर, नई कृषि मंडी के पास नाले से मिट्टी निकालने के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक के बीच मामूली टक्कर हो गई। यह बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं। ट्रक चालक ने कुछ देर बाद कुछ हथियारबंद लोगों को बुला लिया। ये लोग हाथों में लाठी और सरिये लिए हुए थे और बताया जा रहा है कि ये सीधे **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** से आए थे। आते ही इन हमलावरों ने ट्रैक्टर चालक और बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों पर बेरहमी से हमला कर दिया। इस मारपीट में डुंगलावदा निवासी **राजेश पिता गोपाल गुर्जर** के सिर में गंभीर चोट आई है और उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा, **बलराम गुर्जर पिता बख्तावर गुर्जर** और **कालू पिता सत्यनारायण गुर्जर** को भी चोटें आई हैं। इस घटना के पीछे यह भी आशंका जताई जा रही है कि **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** नई मंडी में अपना **रुतबा और दबदबा** बरकरार रखने के लिए इस तरह के हमले करवा रहा है। यह खुलेआम गुंडागर्दी यह बताने के लिए काफी है कि कैसे कुछ लोग कानून और व्यवस्था को अपने हाथ में लेने से भी नहीं हिचकते। *-- मंडी गेट पर किसानों का आक्रोश* इस घटना की खबर जैसे ही किसानों और ग्रामीणों तक पहुंची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में वे मंडी पहुंच गए और मुख्य गेट पर ताले जड़ दिए। यह आक्रोश स्वाभाविक है, आखिर कब तक मंडी में इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त की जाएगी? किसानों का आरोप है कि **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** का यह दबदबा कोई नया नहीं है। *--धीरेंद्र इंटरप्राइजेज का काला अतीत: अफीम तस्करी का आरोप* यह बात और भी गंभीर हो जाती है जब **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** का आपराधिक इतिहास सामने आता है। गौरतलब है कि 2022 में केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग की टीम ने **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** पर छापा मारा था और वहां से **7341.500 किलोग्राम अफीम काला दान** पकड़ा था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या फरार आरोपी अब भी अपने गुर्गों के जरिए मंडी में अपना दबदबा बनाए हुए है और इसी दबदबे को कायम रखने के लिए इस तरह के हिंसक कृत्य को अंजाम दे रहा है? क्या पुलिस इस बार **धीरेंद्र इंटरप्राइजेज** के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और मंडी को इन अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराएगी? यह देखना बाकी है।