प्रतापगढ़। जिले में चल रहे गिव अप अभियान को आमजन से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया में अब तक प्रतापगढ़ खंड में करीब 500 परिवारों के 2000 से अधिक सदस्यों ने स्वेच्छा से नाम हटवाए हैं । प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य आर्थिक रूप से सक्षम नागरिकों को नैतिक जिम्मेदारी का बोध कराना है। जिनके पास चार पहिया वाहन हैं,जो आयकरदाता हैं या किसी सरकारी सेवा से जुड़े हैं, ऐसे लोगों को राशन कार्डधारी बनाए रखना अन्य जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन है। प्रशासन का मानना है कि जब तक ये अपात्र लाभार्थी सूची में बने रहेंगे,तब तक वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा। इसी सोच के तहत जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं अपना मूल्यांकन करें और यदि अपात्र हो तो 30 अप्रैल से पहले नाम हटवाएं। नाम नहीं हटाया तो होगी वसूली और कार्रवाई: गिव अप अभियान को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।यदि कोई अपात्र व्यक्ति तय समय-सीमा यानी 30 अप्रैल तक नाम नहीं हटवाता,तो ऐसे लाभार्थियों से वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अपात्र व्यक्ति यदि खुद नाम नहीं हटाते हैं, तो उन्हें लाभ की राशि वापस करनी होगी और नियमानुसार उनका राशन कार्ड भी निरस्त किया जाएगा। इस अभियान को आमजन तक पहुंचाने के लिए सभी राशन डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कोई भी उपभोक्ता नजदीकी डीलर से फॉर्म लेकर इसे भर सकता है या फिर जिला रसद कार्यालय में आवेदन दे सकता है। साथ ही ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, इससे लोग आसानी से नाम हटवा सकें। जिला प्रशासन ने फिर दोहराया है कि यह केवल सरकारी नियम नहीं, बल्कि सामाजिक नैतिकता का विषय है। जब कोई अपात्र व्यक्ति सरकारी राशन लेता है,तो वह किसी गरीब का हक छीनता है। यही कारण है कि इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।