(प्रितेश सारड़ा) । नीमच में हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा भले ही विकास कार्यों की और जनसभाओं के लिए सुर्खियों में रहा हो, लेकिन असली चर्चा प्रशासनिक गलियारों में उनकी कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल को लेकर की गई प्रशंसा को लेकर है। ऊपरी तौर पर इसे सामान्य शिष्टाचार और अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम बताया जा रहा है, लेकिन अंदर की कहानी थोड़ी और दिलचस्प है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री जिले की कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के इच्छुक थे। उनके दौरे के दौरान, उन्होंने अधिकारियों की तारीफ की, बल्कि बंद कमरों में भी उनके काम को लेकर संतोष जताया। खासकर, जिस तरह से जिले में पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बना हुआ है, उससे मुख्यमंत्री काफी प्रभावित दिखे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह रवैया आने वाले समय में इन अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उनकी इस 'खुशी' को जिले में चल रहे कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर हालिया सफलताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने कुछ खास मामलों में तेज़ी और प्रभावी कार्रवाई के लिए इन अधिकारियों की पीठ थपथपाई है।