तथाकथित डॉक्टर मलिक पर मेहरबान प्रशासन..? फर्जी नामांतरण में पटवारी कटारा को तो किया निलंबित लेकिन, मुख्य सूत्रधारो पर कब होगी कार्यवाही या है किसी का प्रभाव...? मामला ग्राम बैंसला में शासकीय भूमि नामांतरण का...,
02 Mar 2025
Local News
रामपुरा/नीमच:- कहा जाता हैं कि चोरी का माल बेचने और खरीदने वाला दोनों गुनाहगार होते हैं तो फिर, शासकीय भूमि का बिना कलेक्टर अनुमति के खरीद फरोख्त मामले में एक तरफा कार्यवाही ही क्यों? माना कि, पटवारी मुकेश कटारा द्वारा रजिस्ट्री नामांतरण संज्ञान में नहीं लिए जाने का हर्जाना तो निलंबित होकर तो पटवारी ने भर दिया और उस पर जांच कार्यवाही बैठ गई, वह गुनाहगार है या नहीं यह एक जांच का विषय हैं? लेकिन मुख्य सूत्रधार तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक बैंसला जिसने शासकीय भूमि खरीदी और जिनके द्वारा भूमि बेच गई, उन पर वैधानिक कार्यवाही का संज्ञान कब लेंगे जिम्मेदार अधिकारी?
बता दें, विगत दिनों जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा क्षेत्र के ग्राम बैंसला में शासकीय योजना में आवंटित हितग्राही द्वारा कृषि भूमि का फर्जी तरीके से तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक द्वारा खरीद फरोख्त कर रजिस्ट्री नामांतरण का मामला चर्चित चर्चा का विषय रहा, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी मनासा श्री बारिया द्वारा तुरंत प्रभाव से तत्कालीन आरोपी पटवारी मुकेश कटारा को निलंबित किया गया। किंतु इस मामले को अंजाम देने वाले मुख्य सूत्रधारों पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया जो कि क्षेत्र में एक चर्चावका विषयों बना हुआ हैं, कहा यह भी जा रहा हैं कि तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक ऊंची पकड़ वाला व्यक्ति है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। विचारणीय विषय तो यह हैं कि क्या वाकई में तथाकथित डॉक्टर मलिक का प्रशासन कुछ नहीं बिगाड़ सकता और विचारणीय प्रश्न यह भी हैं कि हजारों लोगों का इलाज करने वाला तथाकथित डॉक्टर मलिक वाकई में डिग्रीधारी और प्रमाणित भी हैं..?