नीमच। मामले खुद निपटाने की जिम्मेदारी ली। शुरूआत में छोटे—छोटे मामले किए, पीडित व्यक्ति जब इनसे डर गए तो इनके हौसले और बढ गए। फिर क्या था, शहर के बडे व्यापारी और दुकानदारों तथा डॉक्टरों को टारगेट करना शुरू कर दिया। लोगों को धमकाने के लिए प्रबुद्ध ने अपराधिक किस्म के लोगों को नौकरी पर रख लिया। इन्होंने बघाना में लोगों के साथ मारपीट करने के लिए रिमांड रूम बना दिया, जिसे रेड आॅफिस नाम दिया। यहां पर कुछ लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुई, लेकिन डर के मारे लोगों ने शिकायतें दर्ज नहीं करवाई। इधर इस गैंग का मुखिया प्रबुद्ध अपने आप को बडा डॉन मान चुका था और इसने लोगों की जमीन हडपने और कब्जा करने और जबरन दुकानें खाली करवाने का पेशा बना लिया। कहते है कि अति का अंत जरूर होता है, प्रबुद्ध की अति का अंत भी समय से पहले होना शुरू हो गया। कल की घटना के बाद पूरी गैंग का सफाया होना शुरू हो गया है। पुलिस ने इस गैंग के सरगना प्रबुद्ध भारद्वाज और उसके साथियों को रिमांड पर लिया है।सूत्र बताते है कि पुलिसिया आवभगत भी जमकर इनकी हो रही है और पटटे से आवभगत भी हो रही है। विधायक दिलीपसिंह परिहार ने भी झाडा पल्ला— सूत्र बताते है कि राकेश भारद्वाज अपने आप को विधायक दिलीपसिंह परिहार का खास व्यक्ति बताता आया है और विधायक के बलबूते पर ही इसका बेटा पाशु कुछ सालों से अवैध गतिविधियों को अंजाम देकर लोगों की जमीन छिनने के काम में लगा था, पुलिस में कोई आवेदन भी देता तो विधायक बापू संबंधित पुलिस अधिकारियों को फोन लगा देते थे और विधायक की बात रखने के लिए पुलिस अधिकारी भी मामला ठंडे बस्ते में डाल देते थे, जब नीमच में बडी घटना को अंजाम दिया गया। जब संघ के पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो आमजन का क्या होगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित संघ के बडे पदाधिकारियों तक पहुंची, संघ के बडे पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत करवाया। फिर क्या था इस गैंग का सफाया होना शुरू हो गया। बताते है कि विधायक दिलीपसिंह परिहार को भी राकेश भारद्वाज का सपोट करने के मामले में डाट फटकार मिली है। अब विधायक ने भी राकेश भारद्वाज से पल्ला झाड दिया है। सूत्र बताते है कि राकेश भारद्वाज अपने बेटे को बचाने के लिए नेताओं के सामने गिडगिडा रहा है, लेकिन कोई उसका सपोट नहीं कर रहे है, क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐसे माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए अभियान संचालित कर रखा है। फर्जी रजिस्ट्री करने से लेकर जमीन पर कब्जे करने के मामले में हो सकती है कई कार्यवाही— नीमच सिटी निवासी मधु राठौर ने कुछ माह पहले नीमच सिटी थाने में राकेश भारद्वाज के खिलाफ फर्जी रजिस्ट्री करवाने का आवेदन दिया था, इसी प्रकार मुकेश शर्मा ने वेयर हाउस की प्रबुद्ध भारद्वाज के नाम से फर्जी तरीके से रजिस्ट्री का आवेदन दिया था, इन दोनों मामले की जांच चल रही है। इधर कनावटी के पास एक व्यापारी की प्रिकाष्ट की दीवार तोडने, मालखेडा में सिंघानिया परिवार की दीवार तोडने, महू रोड पर व्यापारी कैलाश धानुका की जमीन की दीवार तोडने, डॉ एलबीएस चौधरी की दुकान तोडने सहित एक दर्जन मामले राकेश भारद्वाज और उसके बेटे पाशु भारद्वाज के खिलाफ पुलिस में लंबित है, इन मामलों से राजनैतिक रसूख के दम पर राकेश भारद्वाज बचता आया है, लेकिन आॅपरेश सफाया के तहत इन सभी मामलों में पुलिस दोनों पिता—पुत्र के खिलाफ कार्यवाही कर सकती है, ताकि पूरी गैंग का सफाया हो सके। गैंग में और कौन—कौन शामिल है, इस संबंध में भी पुलिस की एक टीम अलग से जांच कर रही है। व्यापारी संघ पर भी सालों से कब्जा, नीमच व्यापारी संघ के अध्यक्ष पद पर राकेश भारद्वाज जमे हुए है। नियम के अनुसार हर तीन वर्ष में व्यापारी संघ अध्यक्ष का निर्वाचन होना जरूरी है, लेकिन राकेश भारद्वाज गुंडाई और रसूख के दम पर बीते 15 साल से भी ज्यादा समय से व्यापारी संघ अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाए बैठे हुए है। अगर व्यापारी चुनाव की बात तक करते है तो उसके साथ घटनाएं की जाती है। इस बात की शिकायत भी गौपनीय रूप से नीमच के व्यापारियों ने की है। अवैध रूप से व्यापारी संघ पर कब्जा जमाए राकेश भारद्वाज पर कार्यवाही की मांग की गई है। इस मामले में भी तगडा एक्शन राकेश भारद्वाज के खिलाफ हो सकता है।