फौजी ने दी 23 फरवरी को सीएम मोहन यादव की सभा में आत्मदाह की चेतावनी, कलेक्टर को लिखा पत्र, जानिए पूरा मामला
22 Feb 2024
Local News
नीमच। जीरण तहसील के अन्तर्गत आने वाले गांव हरवार के एक फौजी ने मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव की 23 फरवरी को प्रस्तावित सभा में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इसको लेकर फौजी ने नीमच कलेक्टर को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि उसके घर के सामने जमीन पर भूमाफिया द्वारा कब्जा किया जा रहा है । वो तहसील की चक्कर काट काटकर थक गया है और अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसीलिए अब वो आत्मदाह के लिए मजबूर हो गया है। 23 फरवरी को सीएम मोहन यादव का नीमच दौरा प्रस्तावित है। यहां वो विभिन्न योजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे साथ ही अलग अलग योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ पत्र भी वितरित करेंगे। लेकिन इस दौरे से पहले भगत सिंह जाट नाम के एक फौजी ने उन्हें पत्र लिखकर कहा है कि वो भूमाफिया से परेशान होकर उनकी सभा में आत्मदार करने को तैयार है। उसका कहना है कि उसकी जमीन पर किसी के द्वारा कब्जा कर लिया है और इसकी शिकायत तहसील में करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अब उसके सामने आत्मदाह करने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। ये मामला जीरन क्षेत्र के हरवार का है।
कलेक्टर को लिखा पत्र
भगत सिंह ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि ‘प्रार्थी फौजी भगत सिंह पिता ओम प्रकeश जी जाट, जाति जाट, निवासी ग्राम हरवार तहसील जीरन जिला नीमच म.प्र. का निवासी होकर श्रीमान के समक्ष यह आवेदन प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह कि प्रार्थी के घर के सामने विपक्षी द्वारा जानबूझकर भूमाफिया द्वारा भूमि पर कब्जा व भूमि को हड़पने की मंशा से रजिस्ट्री कहीं ओर की करवाकर चतुर्थ सीमा घर के सामने की लिखवाकर जबरन कब्ज़ा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत प्रार्थी द्वारा तहसील कार्यालय में की गई जिसकी कोई सुनवाई नही हुई है, तहसीलदार महोदय द्वारा कहा जाता है मैं कुछ नही कर सकता हूँ। यह की प्रार्थी भारतीय सेन में पदस्थ होने से कुछ समय का अवकाश लेकर घर आता है किन्तु उक्त समय में भी दस तरह के कार्य में व्यस्त होने से परिवार को समय नहीं दे पाता है। इस बार का अवकाश भी पूरा तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने में पूरा हो गया जिससे प्रार्थी परेशान हो गया है। उक्त न्याय व्यवस्था से परेशान होकर प्रार्थी 23.02.2024 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय की सभा में आत्मादाह करने को तैयार है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि प्रार्थी को न्याय नही मिलता है तो प्रार्थी माननीय मुख्यमंत्री महोदय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर है।’ इस प्रकार भगत सिंह ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की सभा में आत्मदाह करने की बात कही है। देखना होगा कि इस पत्र के बाद स्थानीय प्रशासन समय रहते कोई एक्शन लेता है या नहीं।