नीमच। समाजसेवी अशोक अरोरा पर हुए जानलेवा (गोलीकांड) मामले में गिरफ्तार आरोपियों का रिमांड 19 फरवरी सोमवार को खत्म हो गया। पीआर अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने आठों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां सभी आरोपियों को 14 मार्च तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। खास बात यह है कि बाबू सिंधी,राकेश अरोरा समेत 7 आरोपियों को कनावटी जेल भेजा है, जबकि कोटा में सरेंडर करने वाले शूटर अकरम शाह का उपजेल कोटा भेजा गया है। बता दें कि समाजसेवी अशोक अरोरा पर 4 फरवरी को शहर के व्यस्ततम मार्ग पर क्रेटा कार सवार 4 लोगों ने जानलेवा फायरिंग की थी। हालांकि हमले में श्री अरोरा बाल-बाल बच गए और उनके सुरक्षाकर्मियों की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में एक शूटर की मौत हो गई थी, जिसकी शिनाख्त कुख्यात शूटर बाबू फकीर उर्फ मजहर एहमद पिता नूर मोहम्मद निवासी गोतमपुरा इंदौर के रूप में हुई थी। बाबू फकीर को गोली लगने के बाद हमले में शामिल 3 अन्य आरोपी मौके पर क्रेटा और हथियार छोड़कर फरार हो गए थे। हमलावरों ने जिस कार का उपयोग किया,उसमें से पुलिस को एक एप्पल का मोबाईल मिला था,जिसको सायबर सेल ने सर्च किया,तो उसने पूरे षड़यंत्र का पर्दाफाश कर दिया था। मामले पुलिस ने षड़यंत्र में शामिल आरोपियों में से 8 गिरफ्तार कर लिए थे। जबकि दो फरार बताए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों में निशार अहमद,उर्फ आदिल पिता अब्दुल गफर पठान 34 वर्ष निवासी नूरी कालोनी मनासा,जय कुमार उर्फ बाबू सिंधी 42 वर्ष निवासी योजना क्रमांक 36 बी नीमच,राकेश पिता कश्मीरीलालाल अरोरा 55 वर्ष निवासी बंगला नंबर 43 नीमच अकरम उर्फ वसीम पिता अब्दुल मजीद शाह 31 वर्ष निवासी जवाहर नगर रतलाम,जफर उर्फ गुलफाम पिता शहजाद शाह 21 वर्ष निवासी मदारपुरा मंदसौर,परवेश उर्फ कल्लू मदारी पिता रसीद घाघु शाह 23 वर्ष निवासी शनि विहार कॉलोनी के पास मदारपुरा मंदसौर, आशिक ए पिता कुदरत पटेल निवासी धर्माट थाना गौतमपुरा इंदौर व शाद उर्फ शाहिद पिता एजाज हुसैन निवासी मल्लातलाई त उदयपुर राजस्थान शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय से 19 ना फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा था। रिमांड समाप्त य होने पर सोमवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को त। न्यायालय में पेश किया, जहां से बाबू सिंधी, राकेश अरोरा समेत 7 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में 14 मार्च तक न जिला जेल कनावटी में दाखिल किया गया है, जबकि क घटना के बाद कोटा में सरेंडर करने वाले अकरम शाह को ना न्यायालय ने फिर से उपजेल कोटा भेज दिया है। लक्की सिंहल अब तक फरार, शरण देने वाले बन सकते हैं आरोपी गोलीकांड में आरोपी बाबू सिंधी और राकेश अरोरा को मिलाने से लेकर षड्यंत्र में अहम भूमिका निभाने वाला अर्पित उर्फ लक्की सिंहल अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में पुलिस लक्की पर घोषित 10 हजार रूपए के इनाम को बढा सकती है। इधर लक्की को शरण देने वाले भी मामले में आरोपी बन सकते हैं।