लागातार 20, साल से ओम प्रकाश सखलेचा भाजपा विधायक और मंत्री लेकिन आज भी ये गांव विकास को तरस रहा, विकास के दावे हो रहे खोखले साबित,बीजेपी के गढ़ में बीजेपी की फजीहत...
07 Nov 2023
Local News
जावद । जावद विधान सभा क्षेत्र में आज भी ऐसे कई गांव हैं जो आजादी के बाद भी आज तक विकास नही पंहुच पाया हैं। वही इस क्षेत्र से हमेशा सखलेचा परिवार का दबदबा रहा हैं। लगभग 45 साल से अधिक तक समय तक सखलेचा परिवार का दब दबा होने के बाद भी ऐसे कई गांव मिल जाएंगे जहा विकास नही हो पाया हैं। वही यहां के स्थानीय विधायक एवम भाजपा प्रत्याशी विकास के लाख दावे कर रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं,,,विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश सकलेचा की मुश्किलें हर कदम पर बढ़ती ही जा रही है...हालात यह है कि भाजपा के गढ़ में भाजपा प्रत्याशी को लोग नकार रहे है, मतदाता एक स्वर में मुखर होकर सकलेचा की रीति नीति को सामने रखते हुए, उनके खिलाफ विरोध का बिगुल बजा रहा है...विकास की बात पर जनता का मजाक बनाना और हैसियत के अनुसार मतदाता और कार्यकर्ताओं का आंकलन करना आज चुनावो में सकलेचा के लिए तकलीफ देह साबित हो रहा है ...
मालवा हलचल से बातचीत के दौरान बुजुर्ग मतदाता ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मंत्री जी के दर्शन देव दर्शन के बराबर हो जाते है, और जब बात विकास की आती है तो सकलेचा का जवाब मिलता है कि आप तो आदिवासी हो आपको विकास की कहाँ आवश्यकता है...सकलेचा के लिए क्षेत्र में चुनावी जनसंपर्क भी ओपचारिक बनकर रह गया है, जहाँ जनता का विरोध अधिकांश इलाकों में सामने आ रहा है, क्षेत्र की गुर्जर खेड़ी सांखला पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश स्थानीय विधायक ओम प्रकाश सखलेचा के खिलाफ देखने को मिला जहाँ ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए, कहा कि 20 साल से विधायक मंत्री होने के बावजूद इस गांव में विकास नही करवा पाए हैं...अब ऐसे में भाजपा से पांचवी बार प्रत्याशी बने ओम प्रकाश सकलेचा का गांव गांव में सामने आ रहा विरोध भी लाजमी हैं। बतादें की जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण भी इसी ग्राम पंचायत में आते हैं। और वर्तमान में जनपद अध्यक्ष होने के बावजूद भी आज भी ये गांव विकास को तरस रहा हैं। और स्थानीय ग्रामीणजन इनके कार्यकाल से नाखुश दिखाई दे रहे हैं। और मेहपुरा बीस साल से भाजपा को जीतते हुए आए हैं। लेकिन इस बार विधायक को सबक सिखाने की गांव वालों ने ठान ली हैं। ,,,बुजुर्ग से लेकर युवा भी स्थानीय विधायक से परेशान हो चुके हैं गांव वाले जब इनके पास जाते हैं तो अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। वही चुनाव जीतने के बाद कभी कभार ही गांव में आते हैं। आज भी इस गांव में कच्ची नालिया बनी हुई हैं तो गांव में कुछ जगह सड़क भी नही हैं। बारिश के दिनों में छात्र छात्राओं को स्कूल में जाने के लिए कच्ची सड़क से गुजरना पड़ता हैं। ,,