जावद l आने वाली 17 तारीख को जनता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला अपनी उंगली से करेंगे, इस बार चुनाव में ना कोई वादे हैं ना कोई विशेष मुद्दे,विकास के झूठे वादे और झूठे आश्वासन के दम पर सभी उम्मीदवार मैदान में उतरे हुए हैं l कशमकश तो सभी विधानसभा क्षेत्र में है लेकिन अंतिम छोर 230 जावद विधानसभा क्षेत्र में कुछ ज्यादा ही कशमकश है, यहां से तीन प्रत्याशी मैदान में है,भाजपा के ओमप्रकाश सकलेचा जो कि पूर्व मंत्री रह चुके हैं, दूसरे कांग्रेस के समंदर पटेल जो की लगातार कई वर्षों से जावद विधानसभा क्षेत्र की सीट को हथियाना की जुगत में है, तीसरे निर्दलीय उम्मीदवार पूरणमल अहीर है जो भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं, पूरणमल अहीर क्षेत्र की जनता के बीच रहकर जनता की सेवा करने में सबसे आगे रहते हैं l अब तक के सभी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश सकलेचा का पलड़ा हमेशा से ही भारी रहा लेकिन इस बार स्थिति उलट है, उनका राजकुमार कार्ड इस बार फेल है, समंदर में इस बार सकलेचा की नाव डावाडोल स्थिति में है, क्षेत्र की जनता सकलेचा के खिलाफ आक्रोशित है, मंत्री जी यूं तो अपनी वीआईपी सुविधाओं से कभी नीचे नहीं आए, क्षेत्र की जनता का कहना है कि केवल चुनाव के दिनों में हाथ जोड़ने से क्या फायदा.? यह तो सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए चुनाव लड़ते हैं..जनता त्रस्त है.. हालत बद से भी बदतर होते जा रहे हैं.. जावद को शिक्षा के नाम पर जापान बनाने का सपना देखने वाले के क्षेत्र के स्कूलों में टाट पट्टी भी नहीं मिलती है..? साथ ही कहना है की मंत्री जी अपने आसपास के लोगों को ही लाभ दिलाने का काम करते हैं, क्षेत्र की जनता से उनका कोई लेना देना नहीं है, विधायक रहते हुए इन्होंने कभी जनता की सुध नहीं ली,जावद की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है, इस बार कांग्रेस प्रत्याशी समंदर पटेल पुरणमल अहिर का जावद विधानसभा क्षेत्र में पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, और ओम प्रकाश सखलेचा की नैया डूबने स्थिति में है, ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवार जो कि भाजपा के बागी उम्मीदवार हैं...जो सकलेचा नया को समंदर में डूबने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते l तो वही  पुरणमल अहिर की साफ़ स्वच्छ छवि के चलते इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता सिर पर बिठा सकती हैं ?