दस्तक अभियान आयोजन के पूर्व हेड काउंट सर्वे और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूर्ण होना चाहिए। साथ ही निर्धारित दवाइयां ग्राम आरोग्य केंद्र तक मांग अनुरूप समय पर पहुंचाए। ऐसा न हो कि दवाइयों की कमी के कारण किसी प्रकार दिक्कत आए। इसी प्रकार 7 से 12 अगस्त तक आयोजित होने वाले मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत हेड काउंट सर्वे कर छूटे हुए बच्‍चों की सूची तैयार करें। दस्तक व मिशन इंद्रधनुष अभियान में किसी भी प्रकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। यह निर्देश कलेक्टर दिनेश जैन ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को कलेक्टर दिनेश जैन ने 18 जुलाई से 31 अगस्त आयोजित होने वाले दस्तक अभियान और 7 से 12 अगस्त तक चलने वाले मिशन इंद्रधनुष अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों अभियान के दौरान स्वास्थ्य एवं आशा कार्यकर्ता घर-घर जाएं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की जानकारी भी प्राप्त कर उनका पंजीयन करें। वर्षा काल में ग्राम आरोग्य केंद्र पर पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता के साथ ही यह सुनिश्चित करें कि बारिश का पानी रुका हुआ नही हों। बैठक में टीकाकरण, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन , राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और एनिमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की भी गई। निर्देश दिए गए कि स्कूल एवं आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए आयरन की गोली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो और बच्‍चों द्वारा उनका नियमित सेवन किया जाएं। बैठक सीएमएचओ डॉ. एसएस बघेल, सिविल सर्जन डा. महेंद्र पाटील, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अर्चना राठौड़ , कार्यक्रम अधिकारी संजय भारद्वाज, डिप्टी कलेक्‍टर राजकुमार हलधर एवं समस्त नोडल अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।