कितने मौसम बीत गए, लेकिन साहब हैं कि मौसम बदलने ही नहीं देते! - साहब भी तो जमे हैं बरसों से जिला पंचायत में! - रिश्तेदारी निभाना तो बनता है
11 Jul 2023
Local News
नीमच। जिला पंचायत का ताना बाना बड़ा जटिल है। गांव, मजरे, टोले तक संपर्क बना रहता है। साहब लोग इस ताने बाने की बदौलत बड़े आनंद में रहते हैं। इतने आनंद में कि बरसों तक मौसम बदलते रहें या मौसम आते जाते रहें, लेकिन वे कहीं नहीं जाते और उनका अपना मौसम किसी कीमत पर नहीं बदलता। ऐसी ऊर्जा से लबरेज एक मौसमी जोड़ी इन दिनों बड़ी चर्चाओं में है।दरअसल बात खुलती है मनासा जनपद से। यहां के इंजीनियर साहब हैं जो खुद अपने आप में ही अलग मौसम हैं। मौसम के ऊपर जिला पंचायत में एक बड़े मौसम का सिस्टम भी बरसों से एक्टिवेट है। वरदहस्त हमेशा बना रहता है। जिला पंचायत का यह सिस्टम इतना एक्टिवेट है कि आपदा आते ही मौसम को अलर्ट जारी कर देता है, मौसम का कुछ नहीं बिगड़ता। सिस्टम भी कभी प्रधानमंत्री आवास योजना, कभी सिंचाई परियोजना तो कभी वाटरशेड परियोजना में जबरदस्त एक्टिव है। इन दोनों पर चुनाव आयोग तक का कोई फार्मूला लागू नहीं होता। बरसों से जहां जमे हैं वहीं मौज कर रहे हैं। जो नया अधिकारी आता है उसे अपने तैयार मौसम के अनुकूल ढाल लेते हैं। सिस्टम और मौसम में रिश्तेदारी भी बताई जाती है। कहते हैं 'मौसम' बरसों से जनपद मनासा में सक्रिय हैं, मैदान पर क्या हो रहा है इससे लेना देना नहीं है, कागज पर जो कमरे में बैठकर रंग दिया सो सही मानना पड़ेगा। हाल ही में एक जनपद सदस्य ने मौसमी बीमारी पकड़ ली, शिकायत भी बड़े डॉक्टर से की है, पर इलाज अब तक शुरू नहीं हुआ। क्योंकि बताया जा रहा है कि सिस्टम और मौसम का गठजोड़ एक्टिव हुआ और मामले को समेट दिया लगता है। लेकिन जनपद सदस्य ने भी हार नहीं मानी है। पूरे सिस्टम की फाइल तैयार कर ली है, भोपाल, दिल्ली भेजने की देर भर है।पहेलियां न बुझाकर थोड़ा सीधा रुख करते हैं। जनपद मनासा में उपयंत्री और जिला पंचायत में अब तक विभिन्न परियोजनाओं के अधिकारी रहे कथित रिश्तेदारों ने अपनी जड़े न केवल जमा रखी है बल्कि फैला भी रखी है। ग्रामीणों के हित में होने वाले सभी कामों में खुलकर खेला किया जा रहा है, कोई देखने सुनने वाला नहीं है। इसलिए अब तथ्य भी खोलेंगे और खुलकर बोलेंगे...।
*मौसम आनंद*