चिताखेड़ा में पंचों का गुस्सा फूटा सरपंच पति पर लगाए आरोप अपने वालो को बाटे रेवड़ी,
23 May 2023
Local News
चीताखेडा। ग्राम पंचायत चीताखेडा में सरपंच पति के पंचायत में हस्तक्षेप को लेकर पंचो का गुस्सा फुट पड़ा। आज बड़ी संख्या में पंचों ने ग्राम पंचायत के कार्यालय में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पंचो का साफ़ कहना है कि सरपंच वार्डो में पक्षपात करते हुए कार्य कर रही है। साथ ही गांव में कोई भी कार्य अगर पंचायत करवाती है तो उसकी भी जानकारी नहीं दी जाती है। कई दिनों से उपेक्षा के शिकार हो रहे चीताखेडा पंचायत के पंचो का सब्र का बांध आज टूट गया और आज अधिकतर पंचो ने पंचायत कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान पंचायत कार्यालय से सरपंच नदारत रही। उपस्थित मीडिया के सामने पंचो ने अपनी बात रखी। पंचो ने मीडिया को जानकारी देते हुए सरपंच पति पर आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत चीताखेडा में महिला सशक्तिकरण की सरेआम धज्जिया उड़ रही है। सरपंच पति ही पूरी पंचायत की बागडोर संभाले हुए है। जबकि सरपंच शिक्षित और समझदार है। फिरभी सरपंच पति पंचायत के हर काम में हस्तक्षेप करते है। पंचो ने आगे बताया कि किसी भी आवेदन पर सरपंच के हस्ताक्षर के लिए भी उनके घर के चक्कर काटने पड़ते है। एक कागज पर साइन के लिए 3-3 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। जब हम जनप्रतिनिधियों के साथ ये हाल है तो आम जनता के साथ क्या होता होगा। पंचायत में विकास में भी पक्षपात हो रहा है। पार्टी देखकर वार्डो में राशि दी जाती है। यहाँ तक की गांव में कोई भी विकास कार्य होता है तो उसकी सूचना तक पंचो को नहीं दी जाती है। निर्माण समिति में 4 पंच है उन्हें भी कोई जानकारी नहीं दी जाती है। यहां तक की उपसरपंच तक को भी अवगत नहीं करवाया जाता है कि गांव में किस वार्ड में क्या योजना चल रही है। मनमानी करते हुए सरपंच पति कार्य कर रहे है। सरपंच के पंचायत में आने का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी कभी तो कई दिनों तक सरपंच कार्यालय में आती तक नहीं है। पंचो ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि सरपंच पति मनमानी करते हुए पंचायत चला रहे है। निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री, इलेक्ट्रिक सामान और भी कई आवश्यक वस्तुए सेटिंग वाले दुकानदारों से ही ली जाती है। सिर्फ अपने वालो से सामान ख़रीदा जाता है। न कोई टेंडर प्रक्रिया होती है और न ही किसी पंच से पूछा जाता है। पंचो ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि जिले की सबसे बड़ी पंचायत होते हुए भी बस स्टेण्ड पर महिला शौचालय की सुविधा नही है। पिछले तीन माह से पंचायत की मासिक बैठक नही करवाई गईं है। गांव में पेयजल की समस्या ने विकराल रूप ले रखा है। इस भयंकर गर्मी में लोग पानी के लिए तरस रहे है। हम भी जनता से वादे करके आये है हमें भी जनता को जवाब देना पड़ता है। जनता रोज हमें परेशान करती है। हम कब तक अपने निजी खर्च से काम करवाते रहेंगे। इस पुरे मामले पर ग्राम पंचायत चीताखेडा के सचिव का कहना है कि जिस भी वार्ड में कार्य किया जाता है सम्बंधित पंच को अवगत कराया जाता है। अगर सभी पंचो को अवगत करवाना है तो आगे से यह भी किया जाएगा। जहां तक साइन करवाने का मामला है तो मैं सरपंच से बात करूँगा। सरपंच पति भी पंचायत में वार्ड पंच है तो वो पंचायत के कार्यो में सरपंच की मदद करते है। सरपंच के कार्यालय का समय भी निर्धारित करवाया जाएगा जिससे आगे किसी को कोई समस्या न हो। प्रेस वार्ता के दौरान उपसरपंच विकास प्रजापति, पंच मुकेश माली, रामप्रसाद आर्य, अनिल सालवी, असरफ मंसूरी, लाला माली, पंच प्रतिनिधि रामसिंह सिसोदिया, ईश्वर लाल आर्य, दशरथ सेन, दयाल गौड़, मुबारिक मंसूरी, परसराम शर्मा, कालू लाल माली, मुरली माली, मुकेश रेगर, लियाकत मंसूरी, राजू दायमा, अनिल शर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।