निम्बाहेड़ा।नगर परिषद निंबाहेड़ा की ओर से पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी के संरक्षण तथा सभापति श्रीमती शिल्पा भूतड़ा एवं उपसभापति निलेश मेहता के निर्देशन में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के सातवें दिन शनिवार, 17 अक्टूबर को दशहरा मैदान स्थित मीरा रंगमंच पर वंडर सीमेंट के सौजन्य से अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। देश के ख्यातनाम कवियों की शानदार प्रस्तुतियों से सजी इस काव्य निशा ने निम्बाहेड़ा के दशहरा मेले में साहित्यिक उल्लास का नया अध्याय जोड़ दिया। रात करीब 10 बजे शुरू हुआ कवि सम्मेलन रविवार तड़के 4:15 बजे तक अनवरत चलता रहा। हास्य, व्यंग्य, ओज, वीर रस और संवेदनाओं से ओतप्रोत कविताओं ने हजारों श्रोताओं को देर रात से अलसुबह तक बांधे रखा। कवियों की प्रस्तुतियों पर तालियों की गडग़ड़ाहट और उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाओं से मीरा रंगमंच लगातार गूंजता रहा।
शैलेश लोढ़ा के काव्य पाठ ने बांधा समां, करीब डेढ़ घंटे तक मंच पर छाए रहे। मीरा रंगमंच आयोजन समिति संयोजक एवं पार्षद विक्रमादित्य खेरोदिया ने बताया कि कवि सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण लोकप्रिय कवि, लेखक एवं अभिनेता शैलेश लोढ़ा की प्रस्तुति रही। चर्चित टेलीविजन धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' से घर-घर में पहचान बनाने वाले शैलेश लोढ़ा ने अपने विशिष्ट अंदाज, प्रभावशाली शब्द चयन, साहित्यिक गहराई और सधे हुए मंचीय व्यक्तित्व से श्रोताओं का दिल जीत लिया। करीब डेढ़ घंटे तक मंच पर अपनी काव्य प्रस्तुति देते हुए उन्होंने पूरे माहौल को साहित्य और संवेदनाओं के रंग में रंग दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं की उत्सुकता और उत्साह देखते ही बनता था। मीरा रंगमंच आयोजन समिति सदस्य एवं पार्षद महिपाल सिंह राणावत एवं पुष्कर चीनी सोनी ने बताया कि शैलेश लोढ़ा ने अपनी खास शैली में कविता, विचार और व्यंग्य का ऐसा समन्वय प्रस्तुत किया कि श्रोता कभी मुस्कुराते नजर आए तो कभी रचनाओं में छिपे भावों और संदेशों पर विचार करने को विवश हुए। उनकी मंचीय अभिव्यक्ति, शब्दों की धार और प्रस्तुति के प्रभाव ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। करीब डेढ़ घंटे तक श्रोताओं को अपने साथ जोड़े रखना उनकी लोकप्रियता और काव्य प्रतिभा का प्रभावशाली उदाहरण रहा। मीरा रंगमंच पर मौजूद काव्य प्रेमियों ने तालियों और उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाओं के साथ उनकी प्रस्तुतियों का स्वागत किया। शैलेश लोढ़ा की प्रस्तुति ने कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया और राष्ट्रीय दशहरा मेले की इस सांस्कृतिक संध्या को विशेष पहचान दिलाई।
देशभर के ख्यातनाम कवियों ने बिखेरी काव्य की छटा-मीरा रंगमंच आयोजन समिति सदस्य एवं पार्षद रेखा नवलखा एवं नीतू सोमानी ने बताया कि कवि सम्मेलन में शैलेश लोढ़ा के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मंच पर बुद्धि प्रकाश दाधीच (केकड़ी), संजय झाला (जयपुर), कविता तिवारी (लखनऊ), राहुल बजरंगी (इंदौर), अमन अक्षर (इंदौर), गौरव चौहान (इटावा, उत्तर प्रदेश), जानी बैरागी (धार), सर्वेश अस्थाना (लखनऊ), आयुषी राखेचा (जोधपुर), महेंद्र मधुर (सीहोर) एवं पार्थ नवीन (प्रतापगढ़) सहित कवि सम्मेलन के सूत्रधार विनोद सोनी (निम्बाहेड़ा) ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से समां बांधा।
कवियों ने अपनी विशिष्ट शैली में हास्य-व्यंग्य के माध्यम से समसामयिक विषयों को उठाया, वहीं ओजस्वी और वीर रस की रचनाओं से श्रोताओं में उत्साह का संचार किया। संवेदनशील एवं भावपूर्ण कविताओं ने भी श्रोताओं को भावविभोर किया। अलग-अलग काव्य विधाओं और शैलियों का यह संगम श्रोताओं को कभी हंसाता, कभी सोचने पर विवश करता तो कभी जोश और राष्ट्रभावना से भर देता रहा। हर कवि की अपनी अलग शैली और प्रस्तुति ने आयोजन को विविधतापूर्ण बनाया।
रात 10 बजे से तड़के 4:15 बजे तक जमा रहा काव्य प्रेमियों का जमावड़ा-राष्ट्रीय दशहरा मेले के सातवें दिन आयोजित इस विराट कवि सम्मेलन ने अपनी लंबी अवधि और श्रोताओं की निरंतर सहभागिता के चलते विशेष पहचान बनाई। रात करीब 10 बजे आरंभ हुआ कार्यक्रम रविवार तड़के 4:15 बजे तक चलता रहा। लगभग साढ़े छह घंटे तक चले इस आयोजन में समय बीतने के साथ भी काव्य रसिकों का उत्साह कम नहीं हुआ। हास्य-व्यंग्य की फुहारों, ओजपूर्ण रचनाओं और भावनात्मक कविताओं ने वातावरण को जीवंत बनाए रखा। देर रात से अलसुबह तक श्रोताओं की मौजूदगी ने आयोजन की लोकप्रियता को रेखांकित किया। इस काव्य निशा में साहित्य, मनोरंजन, राष्ट्रभावना और संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के प्रतिष्ठित कवियों की उपस्थिति और उनकी प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने राष्ट्रीय दशहरा मेले की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाया। विशेष रूप से शैलेश लोढ़ा की लंबी एवं प्रभावशाली प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कवि संजय झाला ने किया कुशल मंच संचालन-कार्यक्रम का कुशल संचालन संजय झाला ने किया। अपनी प्रभावी संचालन के माध्यम से उन्होंने कवियों की प्रस्तुतियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया तथा मंच पर काव्य की विविध विधाओं का सुंदर समन्वय बनाए रखा। उनकी संचालन शैली ने कार्यक्रम की निरंतरता और मंचीय गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के अंतर्गत आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन निंबाहेड़ा के सांस्कृतिक आयोजनों में एक यादगार पड़ाव साबित हुआ। देश के प्रतिष्ठित कवियों की सहभागिता, शैलेश लोढ़ा का करीब डेढ़ घंटे का प्रभावशाली काव्य पाठ और तड़के तक जुटे हजारों श्रोताओं का उत्साह इस आयोजन की प्रमुख विशेषताएं रहीं। इस विराट काव्य आयोजन ने राष्ट्रीय दशहरा मेले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की।
कवि सम्मेलन में ये अतिथि रहे मौजूद-स्वागत समिति संयोजक रेणु कोठारी एवं नीतू सोमानी ने बताया कि मीरा रंगमंच पर शनिवार रात्रि को नगर परिषद निंबाहेड़ा एवं वंडर सीमेंट के संयोजन में आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी, वंडर सीमेंट लि. के पूर्णकालिक निदेशक परमानन्द पाटीदार, आर.के. मार्बल के निदेशक निर्मल दोषी एवं यूनिट हेड नितिन जैन की गरिमामई उपस्थिति रही। इस अवसर पर पूर्व विधायक अशोक नवलखा, जिला अध्यक्ष भाजपा चित्तौडग़ढ़ रतन गाडरी, श्री सांवनिया जी मंदिर मंडल अध्यक्ष जानकीदास वैष्णव, नगर पालिका छोटीसादड़ी अध्यक्ष प्रदीप व्यास, नगर परिषद निम्बाहेड़ा उप सभापति निलेश मेहता, छोटीसादड़ी नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, भाजपा नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, पश्चिम भाजपा ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष छोटीसादड़ी लोकेश धाकड़, उपखण्ड अधिकारी निम्बाहेड़ा विकास पंचोली, पुलिस उप अधीक्षक शिवप्रकाश टेलर, आयुक्त नगर परिषद निम्बाहेड़ा दुर्गेश सिंह रावल, मीरा रंगमंच संयोजक विक्रमादित्य खेरोदिया, दुकान आवंटन समिति संयोजक कालू सेन, स्वागज समिति संयोजक रेणु कोठारी, साफ सफाई व्यवस्था समिति संयोजक पवन मीणा, पार्किंग व्यवस्था समिति संयोजक गोपाल मेघवाल आदि सहित पार्षदगण प्रेम बाहेती, अनिता सोनी, रेखा नवलखा, वर्षा कृपलानी, अनुराधा साहू, गोपाल शर्मा आदि आमन्त्रित अतिथिगण आदि उपस्थित थे।
मेले में प्रतिदिन बढ़ रहा मेलार्थियों का रेला-विद्युत, पेयजल व्यवस्था समिति संयोजक एवं पार्षद लालचंद दशोरा ने बताया कि दस दिवसीय राष्ट्रीय दशहरा मेले में प्रतिदिन मेलार्थियों की आवाजाही में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार की रात्रि मेला आयोजन के सातवें दिन जहां एक ओर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को सुनने हजारों की संख्या में श्रोता पहुंचे, वहीं मेले में खानपान के लिए चाट, खरीदारी के लिए कपड़ा, मनिहारी, फैंसी बाजारों में हजारों मेलार्थियों की रेलमपेल दिखाई दी। मेले में इस बार लगाए गए विभिन्न नए झूलों पर सैकड़ों की संख्या युवाओं को घंटों लाइन लगार अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा रहे हैं।
रामलीला मंच पर गुरुदेव वैष्णव का हुआ स्वागत-अभिनंदन-रामलीला मंच संयोजक एवं पार्षद प्रकाश शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के अंतर्गत श्री रामलीला मंडल नागौर के माध्यम से श्री कल्याण नगरी रानीखेड़ा स्थित श्री कमधज कल्लाजी राठौड़ दरबार के गादीपति परम पूज्य गुरुदेव श्री जितेन्द्र जी वैष्णव का शनिवार को रात्रि में श्री रामलीला मंच पर केसरिया उपरना एवं मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत, सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर श्री रामलीला मंच के संयोजक एवं पार्षद प्रकाश शर्मा, मंच सदस्य कैलाश सेन सहित समिति के पदाधिकारी, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। गुरुदेव के आगमन से मंच का वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आत्मीय अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।