मंदसौर। शहर के वार्ड क्रमांक 5 में हर्ष विलास के सामने अग्रसेन नगर रोड पर निर्माणाधीन एक आलीशान होटल को लेकर भवन निर्माण अनुमति और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि होटल मालिक मुरली सेठ को निर्माण की अनुमति G+3 यानी ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिलों की मिली है, जबकि मौके पर छह मंजिला निर्माण किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है, तो निर्माण की स्वीकृति और मौके की स्थिति की जांच जरूरी है।
अनुमति कुछ और, निर्माण कुछ और ?
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि होटल निर्माण में स्वीकृत नक्शे और निर्धारित मंजिलों के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। सवाल यह है कि यदि निर्माण अनुमति से अधिक मंजिलों तक पहुंच गया है,तो संबंधित अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की? क्या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर निर्माण की स्थिति का सत्यापन किया है?
‘पांच पेटी’ के कथित लेन-देन की चर्चा, प्रमाणों की पुष्टि बाकी
मामले में कुछ लोगों की ओर से पटवारी और इंजीनियर सहित संबंधित कर्मचारियों को कथित तौर पर पांच पेटी रुपये दिए जाने की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस कथित लेन-देन के संबंध में कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इसकी सत्यता की जांच आवश्यक है। बिना प्रमाण किसी अधिकारी या कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का आरोप स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
नगर पालिका की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मंदसौर के इस मामले में अब नगर पालिका की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शे और मौके पर बनी मंजिलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या नगर पालिका इस निर्माण की जांच कर स्थिति स्पष्ट करेगी, या अनुमति और वास्तविक निर्माण के बीच अंतर को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलने का इंतजार जारी रहेगा?