नीमच। नीमच जिले में जमीन और रूपये हड़पने से जुड़ा एक मामला सामने आया है।जिसमे अनपढ़ महिला की जमीन को हड़पने पप्पू दलाल फर्जी पटवारी बना तो ट्रेक्टर शोरूम संचालक फर्जी वकील बना और कागज व फर्जी रजिस्ट्रीया भी करवाई गई साथ ही जमीनों पर कब्जा भी किया गया। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत नीमच जिला कलेक्टर दिनेश जैन और पुलिस अधीक्षक अमित तौलानी डीजीपी व अन्य उच्चा अधिकारीयो तक भी पहुंची है। उक्त मामले की शिकायत मंदसौर जिले के ग्राम मुण्डला निवासी प्रार्थी किरण कुंवर पति स्व. लालसिंह निवासी ने की है। अपनी शिकायत में किरण कुंवर ने बताया कि, मैं लगभग 48-50 वर्ष की विधवा हु ओर कम पढ़ी-लिखी,कम समझ रखती हूं.इस कारण मेरे गांव के नंदलाल पाटीदार जिसे में सरपंच साहब के रूप में जानती हूं, तथा पप्पू तेली धनेरिया वाले तथा नीमच के सेठ शिखर पगारिया धोखाधड़ी कर मेरी जमीन व रूपये हड़प कर लेना चाहते थे, इस कारण इन्होंने योजना बनाकर षडयंत्र रचा। इस दौरान नंदलाल पिता भंवरलाल पाटीदार पूर्व उप-सरपंच ग्राम भरभड़िया करीब एक-डेढ़ साल पहले मेरे गांव मुण्डला आये और बोले कि, तुम बहुत छोटे से घर में रहती हो, शौच भी नहीं है, तुमको मैं अच्छे रूपये दिलवा देता हूं, मैं उसकी बातों में आ गई, और उन्होंने मेरा आधार कार्ड लिया, और कहां कि नीमच में तुम्हारे नाम से जमीन का नामान्तरण करा दूंगा। बाद में नंदलाल पाटीदार का उसके मोबाईल नम्बर 91311-27864 से मुझे मेरे मोबाईल नम्बर 62689-71538 पर फोन आने लगा कि, मेरी पटवारी साहब से बात हो गई है, तुमको नीमच आना पड़ेगा, यहां पर कार्यवाही करके तुम्हारे नाम पर जमीन करवा दूंगा। मैं नंदलाल के विश्वास में नीमच आई, उन्होंने मुझे एक आदमी से मिलवाया और बोला कि, यह पटवारी साहब है, इनके कहे अनुसार कागजों पर साईन करते रहो, तो तुम्हारे रजिस्ट्री पावती हो जायेगी, मैं उस आदमी के कहे अनुसार कागजों पर साईन करती रही, मुझे बाद में पता चला कि वह पटवारी नहीं, बल्कि पप्पू तेली धनेरिया कलां वाले दलाल हैं। ये लोग मुझे एक सेठ के पास ले गये, जो लम्बे से थे,और आधी दादी थी, बोले कि, ये वकील साहब भी है, जल्द ही रजिस्ट्री पावती करवा देंगे, इसके लिये तुमको बैंक में खाता खुलवाना पड़ेगा, तो ये सभी मिलकर मुझे एक बैंक में ले गये, जहां पर मेरा खाता खुलवाया, बाद में उस बैंक का नाम मुझे सेन्ट्रल बैंक ऑफ इन्डिया शाखा नीमच का पता चला।आज से एक साल पहले गर्मी के दिनों में अप्रैल महीने में नंदलाल पाटीदार, पप्पू तेली, सेठ शिखर पगारिया मुझे कलेक्टर कार्यालय, नीमच में पीछे ले गये, वहां पर मुझे एक आफिस के बाहर भीड़ में ले गये, जहां पर बाहर कुर्सी पर रखे हुए एक रजिस्टर और कागज में हस्ताक्षर कराये तथा केमरे में बैठाकर फोटो भी खिंचाया, बोले कि, तहसील की नामान्तरण की तारीख है। उस समय मुझे कुछ भी नहीं बताया, न ही पढाया और न ही दिया है।इसके बाद मेरे मोबाईल पर नंदलाल पाटीदार के अलावा पप्पू तेली के मोबाईल नं.78030-02072 से भी बार-बार फोन आने लगे ओर बोलने लगे कि, तुम तारीखों पर नही आ रही हो, तारीखों पर आया करो, तब मुझे दिवाली के बाद नवम्बर महीने में नीमच बुलाया और बैंक में ले जाकर हस्ताक्षर कराये, अंगूठा लगवाया तथा बाद में कलेक्टर कार्यालय के पीछे आफिस के बाहर कुर्सी पर रखे हुए रजिस्टर और कागज पर हस्ताक्षर करवाये तथा केमरे में बैठकर फोटो भी खिचवाया बोले कि तारीख करवाना है। नंदलाल, पप्पू तेली ने नीमच बुलाया, बोला कि, अब तुमको बैंक से पैसे मिल जायेंगे, तुम आकर साईन कर दो, उन्होंने मुझसे हस्ताक्षर लिये, शायद उन्होंने मुझे बिना दिखाये, चेक पर भी और बैंक से पैसे निकलाने के कागज पर भी हस्ताक्षर करा लिये, लेकिन उसकी मुझे कोई जानकारी नहीं दी. मुझे आज से तीन-चार महीने पहले नीमच बुलाया कहा कि,तुम्हारी भाभी श्यामकुंवर भी आ रही है, और वह उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा रही है, तो तुम आकर सहमति कर देना, तुमको भी अच्छे पैसे दिलवा देंगे, मैं इस विश्वास में नीमच आई, तब ये सब लोग मुझे फिर कलेक्टर आफिस के पीछे, आफिस के बाहर ले गये, वहां पर रजिस्टर में और कागज पर हस्ताक्षर कराये और केमरे में भी फोटो खिचवाया। मैंने बाद में पप्पू और नंदलाल और शिखर पगारिया जो कि पहले अपने आपको वकील बता रहे थे, बाद में पता चला कि ये ट्रेक्टर बेचने वाले सेठ है, से रूपये मांगे कि, आपने कहा था आप मुझे पैसे दिलवा देगे, लेकिन मुझे तो अभी तक पैसे नही मिले तो वे मुझे फोन पर बहाने बाजी करते रहे, टालमटूल करते रहे, फिर बोले कि तेरे भाई ने तो नामान्तरण में आपत्ति लगा दी है, इसलिये पैसे नही मिल रहे हैं, कोर्ट में आना पड़ेगा।मुझे कोर्ट से नोटिस आया तो मैंने मेरे भतीजे डीगेन्द्र सिंह से पढ़वाया, तो मुझे पहली बार पता चला कि, मेरी जमीन की रजिस्ट्री हो गई, मैंने वकील साहब से जांच करवाई और देखा तो पहली बार मुझे पता चला कि नंदलाल पाटीदार, पप्पू तेली ने शिखर पगारिया, उसकी पत्नी और उसके पुत्र के साथ मिलकर धोखाधडी कर मुझे बिना रूपये दिये नीमच की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री दिनांक 12.04.2022 की करवा ली।मुझे अभी पता चला कि, इन सभी ने आपस में षडयंत्र किया ओर शिखर पगारिया और उसके लडके के नाम पर पप्पू तेली की गवाही से भर भडीया की जमीन की दिनांक 14.11.2022 को रजिस्ट्री करा ली तथा दिनांक 17.01.2023 को नीमच की जमीन की मेरी भाभी के साथ 'पुनः एक बार और गवाह पप्पू तेली की कराकर रजिस्ट्री करवा ली।उपरोक्त सभी ने धोखाधडी की, कुटरचना की, झूठे दस्तावेज बनाये, मेरा धोखे से बैंक में खाता खुलवाया, धोखे से चेक पर हस्ताक्षर प्राप्त किये तथा इन्होंने ही उसके रूपये को हड़पकर अपने पास रख लिये, मैंने इन सब को कोई जमीन नही बेची है तथा रूपये नही लिये हैं तथा कब्जा भी नहीं दिया है, इन सब ने जमीन हडप करने के लिये फर्जी पटवारी व फर्जी वकील बनकर धोखाधड़ी कर तीन रजिस्ट्री कराई है, जिसके लिये बैंक में खाता खुलवाने का रिकार्ड और मोबाईल की कॉल डीटेल और रिकार्डिंग से आपको धोखाधडी की - जानकारी मिल जायेगी,दिए गए आवेदन में  कार्यवाही की मांग की गई, कुछ जानकारीया मेरे भतीजे डीगेन्द्रसिंह निवासी भरभडीया ने प्रिंट की जो संलग्न है।उन्होंने जिस बैंक में खाता खुलवाया पैसे जमा किए पैसे निकलवाये इन सभी की मुझे कोई जानकारी नहीं है, इन सभी ने धोखा देने व रूपये हड़प करने के लिये बैंक का सहारा लिया है.पीड़ित महिला ने जिला कलेक्टर और एसपी से उपरोक्त सभी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने और उचित कार्यवाही की मांग की है।                          

  उक्त मामले में नंदलाल पाटीदार,भूतपूर्व सरपंच ने बताया कि इसमें किरण कुंवर की सहायता के लिए मेने पप्पू तेली दलाल, गोपाल नायक मोरखा, मांगू सिंह महेशपुरिया को मिलाया था। ताकि उक्त जमीन के अच्छे दाम मिल सके,इसके बाद मेरी जानकारी में नही है कि फर्जी तरीके से पटवारी व वकील बनकर रजिस्ट्री करवाई गई है। और  मुझे भी बाद में पता चला कि पप्पू तेली एक आदतन बदमाश है। इसके कार्य आड़े टेड़े है।और कई लोगो के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। इस मामले में मेरा कोई लेनादेना नही है। वही इस मामले में शिखर पगारिया ने अपना पक्ष रखते हुवे उनके द्वरा बनाए गए दस्तावेज दिखाते हुवे अपने आपको सही बताया।