*सुरेश बोहरा*
निम्बाहेड़ा/ पंचायत समिती निम्बाहेड़ा की ग्राम पंचायत बांगरेड़ा मामादेव के जनप्रतिनिधियों ने पंचायत कार्मिकों के साथ मिलकर अमृत सरोवर योजना में भ्रष्टाचार का जहर घोलने का काम करते हुए सरकारी राजकोष को लगभग ग्यारह लाख रुपये की क्षति पहुंचाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चरलिया ब्राह्मण में अमृत सरोवर योजना के तहत जल संरक्षण का काम होना था। लेकिन इस योजना में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। तालाब निर्माण में खाना पूर्ति करते हुए काम नियमानुसार नहीं किया गया  सिर्फ कागजी खाना पूर्ति करते हुए नियम विरुद्ध काम काम किया गया मिट्टी खोदने और भरने का काम जेसीबी मशीनों से किया गया, जबकि हाथ से होना था। मस्टररोल में श्रमिकों से काम करना दर्शाते हुए  करीब 11 लाख रुपये का भुगतान उठा लिया गया है।
नियमानुसार 50 मीटर दूर मिट्टी डालनी थी लेकिन वहीं पर मिट्टी वहीं डाली गई। तल की पिचिंग भी सही नहीं हुई है। सारे मामले की जानकारी के लिए आरटीआई में मांगी गई जानकारी भी आधी अधूरी देकर भ्रष्टाचार छुपाने का प्रयास किया गया। जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों ने मिलकर इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है इसकी शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने से लगता है भ्रष्टाचारियों को कहीं से संरक्षण प्राप्त है इस कारण महज खाना पूर्ति कर अमृत सरोवर जैसी अच्छी योजना को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है।