सांसद निधी खर्च करने में कंजूसी या डर......? क्या चित्तोड़ लोकसभा के 8 विधान सभा क्षेत्रों मे अब विकास की जरुरत नहीं? पढ़ें सुरेश बोहरा की ये खबर
08 Jul 2026
Local News
निम्बाहेड़ा/ चित्तोड़गढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा क्षेत्र के विकास को लेकर की जा रही अनदेखी को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। सांसद द्वारा सांसद निधी के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सांसद जोशी सांसद निधी खर्च करने में कजूंसी बरत रहे है या उनके मन में कोई डर बैठा हुआ है या फिर क्षेत्र का इतना विकास हो गचुका है कि अब और विकास की जरुरत ही नहीं है। सांसद निधि खर्च न होने का मुद्दा पूरे राजस्थान में छाया हुआ है। हर साल हजारों करोड़ की सांसद निधि लेप्स हो जाती है। मतलब सांसद से किसी ने मांग नहीं की या सांसद ने खुद खर्च ही नहीं की। जिसका असर सीधा सीधा क्षेत्र के विकास कार्यो पर पड़ता है। चित्तौड़ लोक सभा क्षेत्र के तहत चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, बेगूं ,बड़ी सादड़ी,कपासन, प्रतापगढ़, वल्लभनगर, और मावली का समावेश है और हर साल मिलने वाली पांच करोड़ की सांसद निधी इन्ही क्षेत्र में खर्च करना होती है।
विकास को तरस रहे चित्तौड़ लोकसभा क्षेत्र में सांसद जोशी को शायद कोई कमी नजर नही आ रही है।या कोई राजनीतिक कारण हो सकता है। या चुनावी साल में क्रेडिट लेने के चक्कर में काम रोक दिए गए हों। या क्षेत्र के विधायकों से आपसी समन्वय की कमी हो हांलाकि जोशी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं तथा उनका शुमार देश के टॉप सांसदों में भी होता है। क्षेत्र की जनता ने दो बार सीपी जोशी पर विश्वास जता कर उन्हे विजयी बनाया लेकिन सांसद जोशी अभी तक जनता की आकांक्षा पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से कई तरह के अभावों को भुगत रही है लेकिन जोशी को क्षेत्र की समस्याएं दिखती नहीं है या इन क्षेत्रों के विधायक इनसे विकास कार्येो की मांग नहीं करते है।
जबकि क्षेत्र मे कई विकास कार्य अधूरे लटके पड़े है जो सांसद निधी से पूरे करवा सकते हैं। हालांकि जोशी का गृह क्षेत्र कई मूलभूत सुविधा से महरुम है।
सांसद जोशी प्रेस विज्ञप्ति के जरिए स्पषट करे कि 2019 से 2026 तक कितनी सांसद निधी प्राप्त हुई और लोकसभा क्षेत्र में कहां कहां किस किस विकास कार्य पर कितनी राशि खर्च की गई है। ताकि जनता को भी पता चले कि उन्होने जागरुक सांसद चुना है या उदासिन सांसद चुना है....?