कांग्रेस की जिला प्रभारी बनने के बाद अर्चना जायसवाल गुरुवार को पहली बार जिला कार्यालय पहुंची। उनके समक्ष कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा। वरिष्ठ नेता ओमसिंह भाटी समर्थकों ने कहा-भाषण देने में वरिष्ठ नेताओं को सम्मान नहीं मिलता।

कांग्रेस के पूर्व शहर मंत्री कमलेश सोनी फाइल लेकर जायसवाल के पास पहुंचे और बोले 6 लोगों ने मुझे भूमाफिया बताकर ब्लाॅक अध्यक्ष की दौड़ से बाहर किया। जायसवाल ने सभी को सुना और कहा आपसी मतभेद भुलाकर 2023 मे फिर से कांग्रेस को सत्ता में लाना है।

दोपहर को जिला कांग्रेस की प्रभारी जायसवाल ने जिला संगठन पदाधिकारियों की बैठक में हिस्सा लेने गांधी भवन पर पहुंची थी, उन्होंने कहा सत्ता आती-जाती है लेकिन विचारधारा सदैव रहती है। हमने संगठन का स्थानीय ढांचा निचले स्तर तक पहुंचाने के लिये मंडलम एवं सेक्टर तक काम किया।

हम निश्चित रूप से आगामी समय में बूथ एवं पन्ना स्तर तक सफल होंगे। जायसवाल ने कहा भाजपा ने खरीद-फरोख्त कर सरकार बनाई। कांग्रेस की 15 माह की सरकार में कई उल्लेखनीय काम हुए। जिला अध्यक्ष विपिन जैन ने कहा हमारा जिला संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत है जिसे परिणामों में बदलना है।

उन्होंने अब तक की गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक को पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटील, पुष्पा भारतीय, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रकाश रातडिया, महेंद्रसिंह गुर्जर, राकेश पाटीदार, परशुराम सिसौदिया, वरिष्ठ नेता ओमसिंह भाटी, संगठन मंत्री राजेश रघुवंशी, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष सोमिल नाहटा, जिला महिला अध्यक्ष रूपल संचेती, शहर ब्लॉक कांग्रेस

सुवासरा विस मामले में गुटबाजी नजर आई

बैठक के दाैरान सुवासरा विस के ताजा समीकरणों को लेकर गुटबाजी साफ झलकी। प्रभारी के समक्ष विरोध दर्ज करते हुए वरिष्ठ नेता ओमसिंह भाटी समर्थक बोले कि वरिष्ठ नेताओं को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलता। संबोधन के दौरान उपचुनाव प्रत्याशी रहे राकेश पाटीदार ने कहा कि मेरे क्षेत्र में मैंने हर चुनाव जिताने की भरसक कोशिश की नतीजे चाहे जो रहे हों।

इधर, मंदसौर ब्लाॅक अध्यक्ष मामले ने तूल पकड़ा, पूर्व शहर महामंत्री सोनी ने फाइल हाथ में ली और प्रभारी जायसवाल की ओर बढ़े। माइक लेकर बोले मैं बरसों से मेहनत कर रहा हूं। ब्लाॅक अध्यक्ष बनने की कगार पर था लेकिन 6 लोगों ने लिखकर दिया कि मैं भूमाफिया हूं, फोटोबाज नेता हूं।

जेल जा चुका हूं, झूठी शिकायत कर मुझे अध्यक्ष नहीं बनने दिया। सोनी बोले आप बताओ क्या सच में ऐसा है? हालांकि इस दौरान सभी वरिष्ठ नेता सुनते रहे। संबोधन में वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी, गुटबाजी छोड़ 2023 की तैयारियों में जुटने को कहा।